पंचकूला। प्रदेश सरकार ने 46 शहरों में बाह्य विकास शुल्क (ईडीसी) में 10 प्रतिशत की वृद्धि की है, जो एक जनवरी 2026 से लागू कर दी गई है। इस कदम का मकसद नए और चल रहे डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के लिए बुनियादी ढांचे के विकास को सुनिश्चित करना है। हालांकि, इस बढ़ोतरी का सीधा असर आम खरीदारों और निवेशकों पर पड़ेगा, क्योंकि बिल्डर्स आमतौर पर यह अतिरिक्त शुल्क संपत्ति की कीमतों में शामिल कर देते हैं।
ईडीसी बढ़ोतरी का असर होम, इंडस्ट्रियल, कामर्शियल और कंबाइन यूज प्रोजेक्ट्स पर होगा। नई दरों के अनुसार, गुरुग्राम क्षेत्र में प्लॉटेड कॉलोनियों के लिए ईडीसी अब लगभग 1.37 करोड़ रुपये प्रति एकड़ है। ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में 400 व्यक्ति प्रति एकड़ वाले प्रोजेक्ट्स पर शुल्क 5.49 करोड़ रुपये और 300 व्यक्ति प्रति एकड़ वाले प्रोजेक्ट्स पर 4.12 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है।
फरीदाबाद और गुरुग्राम के सोहना व ग्वाल पहाड़ी क्षेत्र उच्च-संभावित ज़ोन में आते हैं, जहाँ प्लॉटेड कॉलोनियों के लिए ईडीसी 1.23 करोड़ रुपये प्रति एकड़ निर्धारित किया गया है। वहीं ग्रुप हाउसिंग कॉलोनियों के लिए 400 पीपीए पर 4.94 करोड़ और 300 पीपीए पर 3.71 करोड़ रुपये प्रति एकड़ शुल्क लागू होगा।
मध्यम पोटेंशियल ज़ोन में आने वाले शहरों जैसे अंबाला, कुरुक्षेत्र, बहादुरगढ़, हिसार, रोहतक, रेवाड़ी, बावल, पलवल, यमुनानगर, धारूहेड़ा, पृथला, गन्नौर और होडल में ग्रुप हाउसिंग के लिए 400 पीपीए पर 3.29 करोड़ और 300 पीपीए पर 2.47 करोड़ रुपये प्रति एकड़ ईडीसी लगेगी।
इस वृद्धि के बाद फ्लैट, प्लॉट और कामर्शियल प्रॉपर्टी की कीमतों में इजाफा होना तय है। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने इसे आम जनता पर आर्थिक बोझ डालने वाला कदम बताया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले नए प्रोजेक्ट्स में यह बढ़ोतरी और भी अधिक प्रभाव डाल सकती है।