मनाली | हिमाचल प्रदेश में लंबे समय के बाद मौसम ने करवट बदली है। लाहुल-स्पीति क्षेत्र में हाल ही में हुई बर्फबारी के कारण शिंकुला दर्रा पर्यटकों के लिए बंद हो गया है। रोहतांग, बारालाचा और कुंजम दर्रे में भी बर्फबारी शुरू हो गई है, जबकि लाहुल घाटी के अधिकांश हिस्सों में हल्की बर्फ की परत जम गई है।
इस मौसम परिवर्तन से किसानों और बागवानों में भी खुशी की लहर दौड़ गई है, क्योंकि लंबे समय से उन्हें बर्फ और बारिश का इंतजार था। शिंकुला दर्रे के बंद होने के बावजूद पर्यटक दारचा और जांस्कर समदो जैसे नए स्नो प्वॉइंट का आनंद ले सकते हैं। सुरक्षा के मद्देनजर पर्यटकों को इन स्थानों तक फोर बाई फोर वाहनों के माध्यम से ही जाने की अनुमति दी गई है।
लाहुल घाटी का यांगला भी अब नए पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया गया है। कोकसर और सिस्सु देव आदेश के चलते फरवरी तक पर्यटकों के लिए बंद रहेंगे, इसलिए यांगला में आने वाले पर्यटक बर्फ का आनंद ले सकते हैं।
मनाली में सप्ताहांत के चलते पर्यटन गतिविधियों में तेजी आई है। अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में पर्यटक मनाली की ओर आ रहे हैं। होटलों में 60 से 65 प्रतिशत तक ओक्यूपेंसी दर्ज की जा रही है। मौसम में बादल छाए होने के कारण पर्यटक रोहतांग और निकटवर्ती स्थलों पर हिमपात का अनुभव लेने की उम्मीद लगाए हुए हैं।
होटल एसोसिएशन मनाली के अध्यक्ष रोशन ठाकुर ने कहा कि मौसम की बदलाव ने मनाली और लाहुल घाटी के पर्यटन स्थलों में उत्साह बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि अगर बर्फबारी जारी रही, तो आने वाले सप्ताहांत में पर्यटन व्यवसाय में और वृद्धि होने की संभावना है।
इस प्रकार हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी और नए पर्यटन स्थलों के विकास से स्थानीय पर्यटन उद्योग को नई ऊर्जा मिली है, जबकि पर्यटक भी प्राकृतिक सुंदरता और स्नो प्वॉइंट का आनंद उठा पा रहे हैं।