Mandi, Dharamveer-:हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले ने चिकित्सा क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम दर्ज की है। मंडी के गुटकर स्थित मांडव अस्पताल में वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ एवं एडवांस्ड लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. उदय भानु राणा और उनकी विशेषज्ञ टीम ने लेप्रोस्कोपिक तकनीक के माध्यम से एक महिला के गर्भाशय से 5.21 किलोग्राम वजन का विशाल फाइब्रॉएड सफलतापूर्वक निकालकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह सर्जरी न केवल जिले बल्कि पूरे प्रदेश और देश के लिए गर्व का विषय मानी जा रही है।
यह जटिल सर्जरी लगभग ढाई से तीन घंटे तक चली।
फाइब्रॉएड का आकार और वजन असामान्य रूप से बड़ा होने के कारण इसे अत्यंत चुनौतीपूर्ण माना जा रहा था। आमतौर पर इतने बड़े फाइब्रॉएड को निकालने के लिए ओपन सर्जरी का सहारा लिया जाता है, लेकिन डॉ. उदय भानु राणा और उनकी टीम ने न्यूनतम इनवेसिव यानी लेप्रोस्कोपिक पद्धति को अपनाते हुए इसे सफलतापूर्वक अंजाम दिया। यह उपलब्धि 7 जनवरी को हासिल की गई, जिसने चिकित्सा क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित कर दिया है।
लगभग अढ़ाई से तीन घंटे तक चली यह सर्जरी, पीड़ित
पीड़ित महिला लंबे समय से गर्भाशय फाइब्रॉएड की गंभीर समस्या से जूझ रही थी। उसका पेट असामान्य रूप से बढ़ गया था और उसे अत्यधिक मासिक रक्तस्राव, पेट में भारीपन और दबाव जैसी गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। जांच के दौरान डॉक्टरों को पता चला कि गर्भाशय में मौजूद फाइब्रॉएड का आकार लगभग पूर्ण अवधि की गर्भावस्था के बराबर हो चुका है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने महिला को शीघ्र सर्जरी कराने की सलाह दी।डॉ. उदय भानु राणा और उनकी टीम ने इस जटिल ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए अत्याधुनिक 3डी लेप्रोस्कोपिक विज़न तकनीक, चरणबद्ध डिसेक्शन और सावधानीपूर्वक डी-वेस्कुलराइजेशन जैसी उन्नत विधियों का उपयोग किया। पूरी सर्जरी के दौरान रक्तस्राव को न्यूनतम रखने और आसपास के अंगों को सुरक्षित रखने पर विशेष ध्यान दिया गया। सर्जरी के सफल होने के बाद महिला को नई जिंदगी मिली है और उसकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है।
इस ऐतिहासिक सर्जरी में डॉ. उदय भानु राणा के साथ एक अनुभवी मेडिकल टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।टीम में डॉ. प्रियंका शर्मा (फेलो गायनेकोलॉजिस्ट), डॉ. अंशित पठानिया (एनेस्थेटिस्ट), स्क्रब नर्स शिवानी शर्मा एवं हर्षिता शर्मा, ओटी सहायक महेश और जतिन शामिल रहे। सभी के समन्वित प्रयासों से यह कठिन सर्जरी सफल हो सकी।स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में अब तक लेप्रोस्कोपिक विधि से निकाले गए गर्भाशय फाइब्रॉएड का अधिकतम वजन लगभग 4.5 किलोग्राम दर्ज किया गया था। ऐसे में मंडी में 5.21 किलोग्राम वजन के फाइब्रॉएड को लेप्रोस्कोपिक पद्धति से निकालना एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। यह सर्जरी न केवल देश बल्कि विश्व स्तर पर भी शुद्ध लेप्रोस्कोपिक तकनीक से की गई सबसे बड़ी सर्जरियों में गिनी जा सकती है।
डॉ. उदय भानु राणा ने की 10 हजार से अधिक सफल लेप्रोस्कोपिक सर्जरी
डॉ. उदय भानु राणा पिछले 14 वर्षों से अधिक समय से एडवांस्ड लेप्रोस्कोपिक और न्यूनतम इनवेसिव स्त्री रोग शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे हैं। वे एंडोमेट्रियोसिस, जटिल पेल्विक सर्जरी और स्त्री रोग कैंसर सर्जरी में विशेष दक्षता रखते हैं। अब तक वे 8 हजार से अधिक कठिन और 10 हजार से अधिक सफल लेप्रोस्कोपिक सर्जरी कर चुके हैं। उनकी इस उपलब्धि से मंडी जिला चिकित्सा मानचित्र पर एक बार फिर प्रमुखता से उभर कर सामने आया है।