Shimla, 18 January-:भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी और नैना देवी से विधायक रणधीर शर्मा ने हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस शासन के दौरान कानून व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा है कि राज्य में अपराध और गुंडागर्दी बेलगाम हो गई है। मनाली विधानसभा क्षेत्र के राउगी पंचायत में राजस्व अधिकारियों पर हुए जानलेवा हमले को उन्होंने इसका स्पष्ट प्रमाण बताया।
रणधीर शर्मा ने कहा कि राजस्व विभाग की टीम सरकारी आदेश के तहत जमीन की निशानदेही करने पहुंची थी, लेकिन उन्हें बीडीसी नग्गर के अध्यक्ष खेख राम और उनके समर्थकों ने हमला कर दिया। इस हमले में पटवारी भोप सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें ढालपुर अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। आरोप है कि खेख राम ने अपने राजनीतिक पद का दुरुपयोग करते हुए पहले अधिकारियों को धमकाया और फिर उनके साथ मारपीट की, जान से मारने की धमकी भी दी।भाजपा नेता ने कहा, “यदि राजस्व अधिकारी अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।” उन्होंने मुख्यमंत्री पर भी कटाक्ष किया, जो स्वयं राज्य के गृहमंत्री भी हैं। रणधीर ने सवाल उठाया कि आखिर कानून व्यवस्था की यह दुर्दशा किसकी जिम्मेदारी है और क्या कांग्रेस सरकार अपने ही चुने हुए प्रतिनिधियों पर कानून लागू करने का साहस रखती है या सत्ता संरक्षण में इस गुंडागर्दी को खुला मौका दिया जा रहा है।
रणधीर ने बताया कि यह कोई पहला मामला नहीं है। कांग्रेस शासन में लगातार अपराध, हिंसा, अवैध कब्जे और प्रशासनिक अधिकारियों पर हमले बढ़ रहे हैं। इससे यह साफ है कि सरकार का नियंत्रण कमजोर हो गया है और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।उन्होंने मांग की कि खेख राम के खिलाफ तुरंत कठोर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए, पीड़ित पटवारी को पूर्ण सुरक्षा दी जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि राजनीतिक पद किसी को कानून से ऊपर नहीं बनाता।रणधीर शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि कांग्रेस सरकार ने इस मामले में कठोर कार्रवाई नहीं की, तो भाजपा प्रदेशभर में इस अराजकता और गुंडागर्दी के खिलाफ आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता अब यह पूछ रही है—क्या हिमाचल में कानून बचेगा या कांग्रेस की सत्ता में गुंडागर्दी चलेगी।
यह घटना राज्य में कानून-व्यवस्था पर बढ़ते सवालों और राजनीतिक दबंगों के प्रभाव को उजागर करती है,जिससे प्रशासन की भूमिका और सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर बहस शुरू हो गई है।