Mandi, Dharamveer-:छोटी काशी के नाम से प्रसिद्ध मंडी शहर में अधिष्ठाता देव बाबा भूतनाथ की सदियों पुरानी घृतकंबल (माखन लेप) श्रृंगार परंपरा का शुभारंभ हो गया है। तारा रात्रि से आरंभ हुई इस विशेष धार्मिक रस्म के साथ ही पूरे शहर में भक्तिमय माहौल बन गया है। अब बाबा भूतनाथ एक माह तक घृतकंबल श्रृंगार में विराजमान रहेंगे और 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर अपने मूल स्वरूप में श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे।
परंपरा के अनुसार, शिवरात्रि से ठीक एक माह पहले बाबा भूतनाथ का माखन लेप श्रृंगार आरंभ किया जाता है। इस दौरान प्रतिदिन बाबा का विशेष श्रृंगार अलग-अलग स्वरूपों में किया जाता है, जिसे देखने के लिए मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। पहले दिन बाबा भूतनाथ को अघंजर महादेव के रूप में विशेष रूप से सजाया गया। मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है, जिससे वातावरण और भी आध्यात्मिक हो गया है।मान्यता है कि बाबा भूतनाथ के घृतकंबल श्रृंगार के साथ ही मंडी में अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव की तैयारियों का विधिवत शुभारंभ हो जाता है। इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव 16 से 22 फरवरी तक धूमधाम से मनाया जाएगा, जिसमें देश-विदेश से श्रद्धालु और पर्यटक भाग लेंगे।
बाबा भूतनाथ मंदिर के महंत देवानंद सरस्वती ने बताया कि पहले दिन अघंजर महादेव स्वरूप में बाबा का श्रृंगार किया गया है। अघंजर महादेव का यह स्वरूप हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के धर्मशाला स्थित प्राचीन मंदिर से जुड़ा हुआ है, जिसका इतिहास पांडवों और महाभारत काल से माना जाता है।मंडी शहर के बीचों-बीच स्थित बाबा भूतनाथ मंदिर में दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। न केवल हिमाचल प्रदेश, बल्कि अन्य राज्यों से भी भक्त यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि बाबा भूतनाथ अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। भक्तों ने बताया कि पूरे एक माह तक बाबा के विभिन्न दिव्य स्वरूपों के दर्शन पाकर वे स्वयं को सौभाग्यशाली महसूस कर रहे हैं और सभी के मंगलमय जीवन की कामना कर रहे हैं.