पंचकुला। दक्षिण हरियाणा में भाजपा के केंद्रीय और राज्य मंत्रियों के बीच जारी सार्वजनिक बयानबाजी से पार्टी संगठन असहज हो गया है। लगातार सामने आ रही जुबानी जंग को गंभीरता से लेते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली ने सख्त रुख अपनाया है। पार्टी ने साफ कर दिया है कि अनुशासनहीनता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पार्टी लाइन से हटकर बयान देने वालों पर लगाम कसी जाएगी।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, प्रदेश के कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह और पूर्व मंत्री अभय सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बुलाकर स्पष्ट संदेश दिया जाएगा। इसी तरह ब्रज क्षेत्र से जुड़े वरिष्ठ नेता व केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, खेल मंत्री गौरव गौतम, अन्य मंत्रियों और फरीदाबाद नगर निगम से जुड़े पार्षदों को भी संगठनात्मक अनुशासन का पाठ पढ़ाया जाएगा।
मंगलवार को मीडिया से बातचीत में भाजपा अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली ने कहा कि पार्टी में अनुशासन सर्वोपरि है। यदि किसी को मतभेद हैं, तो उन्हें आपसी बातचीत या पार्टी के आंतरिक मंचों पर सुलझाया जाना चाहिए। सार्वजनिक मंचों और मीडिया के जरिए एक-दूसरे पर टिप्पणी करना पार्टी की मर्यादा के खिलाफ है।
गौरतलब है कि बीते करीब पंद्रह दिनों से दक्षिण हरियाणा में भाजपा नेताओं के बीच बयानबाजी से राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। कभी राव इंद्रजीत सिंह, राव नरबीर सिंह और अभय सिंह एक-दूसरे पर निशाना साधते नजर आए, तो कभी पलटवार हुआ। इस जुबानी जंग में स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह के बयान भी चर्चा में रहे।
इस अंदरूनी खींचतान का असर स्थानीय राजनीति और संगठन पर भी साफ दिख रहा है। गुरुग्राम नगर निगम में बहुमत होने के बावजूद अब तक डिप्टी मेयर और सीनियर डिप्टी मेयर का चयन नहीं हो सका है। पार्षद दो गुटों में बंटे नजर आ रहे हैं, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
इसी तरह फरीदाबाद से पलवल तक भी राजनीतिक तनाव बना हुआ है। केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर और अन्य नेताओं के बीच परोक्ष आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। नगर निगम बैठकों में हंगामा और सोशल मीडिया पर वायरल टिप्पणियों ने पार्टी की किरकिरी कराई है।
भाजपा नेतृत्व का मानना है कि इस तरह की बयानबाजी से न सिर्फ विपक्ष को हमला करने का मौका मिल रहा है, बल्कि कार्यकर्ताओं में भी गलत संदेश जा रहा है। ऐसे में पार्टी अब सख्ती के मूड में है और जल्द ही सभी संबंधित नेताओं से बातचीत कर अनुशासन सुनिश्चित किया जाएगा।