झज्जर। झज्जर में बीते गुरुवार को हुई मुठभेड़ मामले को लेकर डीघल गांव के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार रात दिल्ली में मुख्यमंत्री नायब सैनी से मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल में स्थानीय ग्रामीणों के साथ-साथ खाप पंचायत के प्रतिनिधि भी शामिल थे। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से इस मामले में निष्पक्ष और तेज़ कार्रवाई की मांग की, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने तुरंत विशेष जांच दल (SIT) का गठन करने के आदेश दिए। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि SIT छह दिनों के भीतर पूरी जांच कर रिपोर्ट सौंपे।
मुलाकात से पहले, डीघल और रमायना गांव की पंचायतों ने सरकार और प्रशासन को अपने-अपने अल्टीमेटम सौंपे थे। इस अल्टीमेटम के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया और मामला सियासी रूप भी ले गया। कुछ ग्रामीण एएसआई प्रवीण के समर्थन में खड़े होकर पंकज की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। वहीं, डीघल पंचायत ने पंकज और दो अन्य युवकों को बेकसूर मानते हुए उन्हें पंचायत के जिम्मे सौंपने का निर्णय लिया। इस निर्णय ने गांव में भाईचारे और शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में प्रयास को भी उजागर किया।
झज्जर मुठभेड़ में भाजपा प्रवक्ता के भाई पंकज को पैर में गोली लगी थी। इसके अलावा, घटना में एएसआई प्रवीण भी घायल हुए थे। घटना के तुरंत बाद से ही ग्रामीण और पंचायत प्रशासन की निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
मुख्यमंत्री नायब सैनी की बैठक और SIT गठन का आदेश ग्रामीणों में नई उम्मीद जगा रहा है कि मामले की जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और शीघ्र की जाएगी। अधिकारी भी मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच को प्राथमिकता देने का आश्वासन दे रहे हैं। इस कदम से झज्जर में कानून व्यवस्था बनाए रखने और ग्रामीण समुदाय में विश्वास बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।