Hamirpur, Arvind-:हमीरपुर जिले के बड़सर विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की खराब स्थिति को लेकर विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के तीन वर्ष पूरे हो चुके हैं, लेकिन बड़सर क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की हालत दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है। आम जनता को बुनियादी इलाज के लिए भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
विधायक ने बताया कि बड़सर सिविल अस्पताल में आज तक क्रिटिकल केयर यूनिट शुरू नहीं हो पाई है, जबकि इसके लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा द्वारा बजट स्वीकृत किया गया था और धनराशि अस्पताल तक पहुंच भी चुकी है। इसके बावजूद सरकार की लापरवाही और नाकामी के कारण यह यूनिट जमीन पर नहीं उतर सकी। नतीजतन बड़सर सिविल अस्पताल केवल एक रेफरल अस्पताल बनकर रह गया है और गंभीर मरीजों को मजबूरन हमीरपुर या अन्य जिलों में भेजा जा रहा है।
इंद्रदत्त लखनपाल ने कहा कि बड़सर सिविल अस्पताल में सर्जन की तैनाती तक नहीं हो पाई है, जिससे ऑपरेशन जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़सर विधानसभा क्षेत्र के लगभग सभी अस्पताल रेफरल सेंटर बन चुके हैं और सरकार स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने में पूरी तरह विफल रही है। इसका सीधा असर क्षेत्र की जनता पर पड़ रहा है, जिन्हें समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा।उन्होंने हमीरपुर मेडिकल कॉलेज की स्थिति पर भी गंभीर सवाल उठाए। विधायक ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में सुविधाओं का भारी अभाव है और हालात इतने खराब हैं कि एक बेड पर तीन-तीन मरीजों को लिटाया जा रहा है। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता है। प्रसव के बाद माताओं और नवजात शिशुओं के लिए समुचित व्यवस्था नहीं है, कई बार मां और बच्चे अलग-अलग स्थानों पर रखे जाते हैं, जिससे महिलाओं को बच्चों को दूध पिलाने तक में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने में पूरी तरह असफल साबित हुई है। उन्होंने सरकार से मांग की कि बड़सर सिविल अस्पताल में जल्द से जल्द क्रिटिकल केयर यूनिट स्थापित की जाए, चिकित्सकों की नियुक्ति की जाए और हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में सुविधाओं को सुधारा जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।