हिसार | हरियाणा के हिसार जिले के गांव मलापुर निवासी पर्वतारोही रोहताश खिलेरी ने एक बार फिर देश का नाम दुनिया में ऊंचा कर दिया है। यूरोप महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एलब्रुस (5,642 मीटर) पर 24 घंटे तक लगातार रुककर उन्होंने एक नया विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया है। रोहताश का दावा है कि वे यह उपलब्धि हासिल करने वाले दुनिया के पहले व्यक्ति हैं।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि के दौरान रोहताश को बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। माउंट एलब्रुस की चोटी पर तापमान माइनस 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जबकि तेज हवाएं करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थीं। बावजूद इसके, उन्होंने पूरे 24 घंटे चोटी पर डटे रहकर अपने साहस और मजबूत इच्छाशक्ति का परिचय दिया। इस सफलता के बाद रोहताश ने चोटी से एक वीडियो साझा कर अपने अनुभवों को लोगों के साथ साझा किया।
गौरतलब है कि रोहताश खिलेरी इससे पहले भी माउंट एलब्रुस को समर और विंटर सीजन में फतह कर चुके हैं। करीब पांच साल पहले उन्होंने इसी चोटी पर 24 घंटे रुकने का प्रयास किया था, लेकिन गाइड की तबीयत बिगड़ने के कारण उन्हें मिशन बीच में रोकना पड़ा था। इस बार उन्होंने कड़ी तैयारी और अनुशासन के साथ लक्ष्य हासिल किया। रोहताश रोजाना कई घंटे कठिन अभ्यास, स्विमिंग और मेडिटेशन करते हैं, जिससे उनकी शारीरिक और मानसिक क्षमता मजबूत हुई।
अब रोहताश खिलेरी की नजर दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर है। वे वहां भी 24 घंटे रुककर नया रिकॉर्ड बनाना चाहते हैं। हालांकि यह चुनौती और भी कठिन मानी जाती है, क्योंकि एवरेस्ट पर तापमान माइनस 60 से 70 डिग्री तक चला जाता है। फिलहाल एवरेस्ट पर 21 घंटे रुकने का रिकॉर्ड नेपाल के पर्वतारोही बाबुश्री शेरपा के नाम दर्ज है।
रोहताश खिलेरी की यह उपलब्धि न सिर्फ हरियाणा बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है और युवाओं को अपने सपनों के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा देती है।