चंडीगढ़। अगर आपके मोबाइल पर कभी ऐसा ट्रैफिक ई-चालान आया है जो आपको गलत लगा हो, तो अब घबराने की जरूरत नहीं है। पहले लोग झंझट और डर के कारण जुर्माना भर देते थे, लेकिन अब सरकार ने नियमों को सरल बनाते हुए वाहन चालकों को बड़ी राहत दी है। अब आप बिना किसी दफ्तर के चक्कर लगाए, घर बैठे ही अपने गलत ई-चालान को ऑनलाइन चुनौती दे सकते हैं। यदि आपकी शिकायत सही पाई जाती है, तो चालान बिना एक भी रुपया चुकाए रद्द कर दिया जाएगा।
ई-चालान के लिए 45 दिन का गोल्डन पीरियड
नियमों के अनुसार, ई-चालान जारी होने के बाद वाहन चालक को 45 दिनों का समय दिया जाता है। इस अवधि के भीतर या तो चालान का भुगतान करना होगा या फिर उसे ऑनलाइन चुनौती देनी होगी। यदि 45 दिनों तक कोई कार्रवाई नहीं की जाती, तो कानूनन यह माना जाएगा कि चालक ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है और जुर्माना अनिवार्य हो जाएगा।
ऑनलाइन चालान कैसे करें चैलेंज
गलत ट्रैफिक चालान को चुनौती देने की प्रक्रिया बेहद आसान है—
- आधिकारिक पोर्टल पर लॉग-इन करें
ई-चालान से संबंधित सरकारी वेबसाइट पर जाएं। - विवरण दर्ज करें
वाहन नंबर या चालान नंबर भरें और चालान की स्थिति जांचें। - शिकायत दर्ज करें
‘Challan Status’ सेक्शन में जाकर चालान को चुनौती देने का कारण स्पष्ट रूप से लिखें। - सबूत अपलोड करें
यदि आपके पास फोटो या वीडियो जैसे प्रमाण हैं—जैसे रेड लाइट न तोड़ने या गलत नंबर प्लेट का चालान—तो उन्हें अपलोड करें।
30 दिन में अधिकारी को देना होगा फैसला
आपकी शिकायत सीधे ट्रैफिक विभाग के संबंधित अधिकारी के पास जाएगी। नियमों के मुताबिक अधिकारी को 30 दिनों के भीतर शिकायत पर निर्णय लेना होगा। यदि आपके सबूत सही पाए जाते हैं, तो चालान तुरंत रद्द कर दिया जाएगा। वहीं, यदि अधिकारी आपकी बात से सहमत नहीं होता है, तो आपको जुर्माना भरना होगा या फिर कोर्ट का सहारा लिया जा सकता है, जिसके लिए 50 प्रतिशत राशि पहले जमा करनी होगी।
चालान नजरअंदाज करने पर हो सकती है कार्रवाई
यदि कोई चालक न तो चालान भरता है और न ही उसे चुनौती देता है, तो प्रशासन सख्त कदम उठा सकता है—
- ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन की RC से जुड़ी सेवाएं रोकी जा सकती हैं
- वाहन को ‘Not to be Transacted’ सूची में डाल दिया जाएगा
- बार-बार नोटिस के बाद मामला अदालत तक पहुंच सकता है
सरकार की यह व्यवस्था उन वाहन चालकों के लिए बड़ी राहत है, जो गलत चालान का शिकार हो जाते हैं। सही जानकारी और समय पर कार्रवाई से अब नुकसान से बचा जा सकता है।