चंडीगढ़। जिला अदालत ने वर्ष 2021 में दर्ज दुष्कर्म मामले में पूर्व जेजेपी नेता और हिसार जिला अध्यक्ष रहे रमेश गोदारा को बड़ी राहत दी है। बुधवार को अदालत ने चंडीगढ़ पुलिस द्वारा दायर कैंसिलेशन रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आरोपों की पुष्टि के लिए रिकॉर्ड पर कोई ठोस और विश्वसनीय साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं।
यह मामला सेक्टर-3 थाना में एक 33 वर्षीय महिला की शिकायत पर दर्ज किया गया था, जो हिसार जिले के एक गांव की निवासी है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि रमेश गोदारा उसका रिश्तेदार है और उसने इलाज के बहाने उसे चंडीगढ़ बुलाया। महिला का आरोप था कि सेक्टर-3 स्थित विधायक हॉस्टल में उसके साथ दुष्कर्म किया गया, आपत्तिजनक फोटो-वीडियो बनाए गए और उसे दो अन्य व्यक्तियों के घर भी ले जाया गया।
इस शिकायत के आधार पर पहले हिसार में जीरो एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसे बाद में चंडीगढ़ पुलिस ने अपने यहां ट्रांसफर कर एफआईआर में तब्दील किया। मामले में आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2)(एन), 376(2)(एफ) और 506 के तहत केस दर्ज किया गया था।
मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) ने कहा कि शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप मेडिकल रिपोर्ट, गवाहों के बयान और दस्तावेजी साक्ष्यों से प्रमाणित नहीं हो सके। अदालत ने विधायक हॉस्टल प्रशासन की रिपोर्ट, कालका और हिसार के चिकित्सकों के बयान तथा अन्य रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा कि ये किसी भी स्तर पर आरोपों का समर्थन नहीं करते।
अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि शिकायतकर्ता और आरोपी के बीच कथित चैट्स भी आरोपों को साबित करने में असफल रहीं। इन परिस्थितियों में अदालत ने माना कि प्रथम दृष्टया कोई मामला नहीं बनता, जिसके चलते पुलिस की कैंसिलेशन रिपोर्ट को मंजूरी दी गई। उल्लेखनीय है कि रमेश गोदारा वर्ष 2019 का विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं।