शिमला। हिमाचल प्रदेश में ग्रामीण विकास कार्यों को लेकर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेशभर में लंबित पड़ी 27,898 ग्रामीण विकास परियोजनाओं को तीन महीने के भीतर हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का मजबूत होना सरकार की प्राथमिकता है। इन परियोजनाओं में ग्रामीण सड़कों का निर्माण, हैंडपंप और पेयजल योजनाएं, नालियों की मरम्मत, सामुदायिक भवनों का निर्माण और अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्य शामिल हैं। इन योजनाओं के पूरा होने से गांवों में रहने वाले लोगों को सीधा लाभ मिलेगा और जीवन स्तर में सुधार आएगा।
सरकार ने कार्यों की प्रगति पर कड़ी नजर रखने के लिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत संबंधित विभागों से रोजाना प्रगति रिपोर्ट ली जाएगी और जिला स्तर से लेकर राज्य स्तर तक इसकी समीक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे नियमित रूप से फील्ड विजिट कर कार्यों की वास्तविक स्थिति का आकलन करें।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जिन परियोजनाओं में तकनीकी या प्रशासनिक अड़चनें आ रही हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर तुरंत सुलझाया जाए। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
राज्य सरकार का मानना है कि समयबद्ध तरीके से विकास कार्य पूरे होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पलायन की समस्या पर भी अंकुश लगेगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से समन्वय के साथ काम करने और तय समयसीमा में परिणाम सुनिश्चित करने की अपील की है।