शिमला | हिमाचल प्रदेश सरकार ने दिल्ली-शिमला और शिमला-धर्मशाला मार्गों पर बंद पड़ी हवाई सेवाओं को पुनः शुरू करने का ऐलान किया है। राज्य सरकार एलाइंस एअर को इस सेवा के सुचारू संचालन के लिए सालाना 31 करोड़ रुपये का अनुदान प्रदान करेगी। यह पहल राज्य में पर्यटन और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के साथ-साथ यात्रियों के लिए सुविधाजनक हवाई विकल्प सुनिश्चित करेगी।
शिमला-धर्मशाला मार्ग के लिए प्रति सीट किराया अब 3,000 रुपये तय किया गया है। एलाइंस एअर की ओर से प्रस्तावित 3,500 रुपये प्रति सीट के बजाय सरकार ने यह दर निर्धारित की। दिल्ली-शिमला मार्ग के लिए किराया तय करने की प्रक्रिया केंद्रीय नागर विमानन मंत्रालय से अनुमोदन के बाद ही पूरी होगी।
गौरतलब है कि 25 सितंबर 2025 को पूर्व करार की अवधि समाप्त होने के बाद यह हवाई सेवा बंद हो गई थी। पुनः शुरू होने पर शिमला-धर्मशाला मार्ग की सभी सीटें सब्सिडी वाली होंगी, जिनका खर्च राज्य सरकार वायबिलिटी गैप फंडिंग के तहत करेगी। दिल्ली-शिमला मार्ग पर उपदान वाली सीटों की संख्या 17 और शिमला-दिल्ली मार्ग पर 13 रहेगी।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हवाई सेवा शुरू होने से पर्यटन क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और राज्य की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी। उन्होंने यह भी बताया कि पर्यटन से युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इसके अतिरिक्त केंद्र सरकार ने प्रदेश के हवाई अड्डों की मरम्मत और उन्नयन के लिए 27 करोड़ रुपये जारी किए हैं।
एलाइंस एअर के अधिकारियों ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में सेवा संचालन पर प्रति दिन 6.7 लाख रुपये खर्च हो रहा था, जो अब बढ़कर 7.9 लाख रुपये प्रति दिन अनुमानित है। इस पहल से हिमाचल प्रदेश में हवाई यात्रा अधिक किफायती, सुरक्षित और नियमित होगी।