बलूचिस्तान | पाकिस्तान का सबसे बड़ा और लंबे समय से अशांत रहा बलूचिस्तान प्रांत एक बार फिर भीषण हिंसा की चपेट में आ गया है। प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने ‘ऑपरेशन हेरोफ’ (ब्लैक स्टॉर्म) के दूसरे चरण के तहत पूरे प्रांत में एक साथ कई समन्वित हमले किए हैं। इन हमलों में अब तक 17 सुरक्षाकर्मियों समेत करीब 50 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं।
इन हमलों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसलिए भी ध्यान खींचा है क्योंकि BLA ने पहली बार महिला फिदायीन (आत्मघाती हमलावरों) को मोर्चे पर उतारा है। संगठन ने दो महिला हमलावरों की तस्वीरें सार्वजनिक की हैं, जिनमें से एक की पहचान 24 वर्षीय आसिफा मेंगल के रूप में हुई है। आसिफा नुश्की जिले की रहने वाली थी और उसने अपने 21वें जन्मदिन पर BLA की मजीद ब्रिगेड जॉइन की थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जनवरी 2024 में उसने आत्मघाती हमलावर बनने का फैसला किया और हालिया हमले में नुश्की स्थित पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के मुख्यालय को निशाना बनाया। BLA द्वारा जारी एक वीडियो संदेश में आसिफा ने बलूच नागरिकों से एकजुट होने और पाकिस्तान सरकार के खिलाफ संघर्ष तेज करने की अपील की थी।
‘ऑपरेशन हेरोफ’ के तहत नुश्की, हब, चमन, नसीराबाद, ग्वादर और मकरान जैसे इलाकों में एक साथ हमले किए गए। पाकिस्तान के कनिष्ठ मंत्री तलाल चौधरी के अनुसार, हमलावर आम नागरिकों के वेश में स्कूलों, बैंकों और अस्पतालों में घुसे और अंधाधुंध फायरिंग की। इसके जवाब में पाकिस्तानी सेना और सुरक्षा बलों ने बड़े पैमाने पर अभियान चलाया। बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने दावा किया है कि अब तक 140 से अधिक आतंकवादियों को ढेर किया जा चुका है और किसी भी शहर या रणनीतिक ठिकाने पर कब्जे की कोशिश को नाकाम कर दिया गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, बलूचिस्तान में जारी अशांति की जड़ें गहरी हैं। यह प्रांत प्राकृतिक गैस और खनिज संसाधनों से समृद्ध है, लेकिन स्थानीय बलूच समुदाय लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि केंद्र सरकार और विदेशी कंपनियां, खासकर चीन, उनके संसाधनों का दोहन कर रही हैं। इसी असंतोष के चलते BLA जैसे अलगाववादी संगठन दशकों से सशस्त्र संघर्ष कर रहे हैं, जिससे क्षेत्र में स्थायी शांति एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।