शिमला, संजू-:पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि मोदी सरकार का 13वां केंद्रीय बजट लोक लुभावन नहीं, बल्कि देश के दीर्घकालिक विकास पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि सहित हर क्षेत्र में वृद्धि हुई है। जयराम ठाकुर ने यह भी बताया कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है और 7 प्रतिशत की मजबूत विकास दर के साथ आगे बढ़ रहा है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि कैपिटल खर्च में पिछले दशक में भारी वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि UPA सरकार के समय 2013-14 में यह 1.98 लाख करोड़ रुपये था, जो वर्तमान में बढ़कर 12.20 लाख करोड़ रुपये हो गया है। रक्षा क्षेत्र का बजट 2 लाख करोड़ से बढ़ाकर 7.84 लाख करोड़ किया गया है, जिससे भारत की रक्षा क्षमताओं को मजबूती मिली है।कृषि क्षेत्र को अब 1.32 लाख करोड़ का बजट मिला है, जबकि UPA के समय यह केवल 27 हजार करोड़ था। शिक्षा के लिए 1.39 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो पहले 65 हजार करोड़ रुपये थे। रेलवे बजट 63 हजार करोड़ से बढ़कर 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 37 हजार करोड़ रुपये के मुकाबले अब 90 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है।सड़क और हाइवे के लिए बजट आठ गुना बढ़कर 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश की हिस्सेदारी 18 प्रतिशत से बढ़कर 45 प्रतिशत हो गई है। नवीकरणीय ऊर्जा की क्षमता 76 गीगावाट से बढ़कर 254 गीगावाट हो गई है। UPI अब दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म बन चुका है।
जयराम ने यह भी कहा कि हिमाचल प्रदेश को केंद्रीय योजनाओं में 191 योजनाओं के तहत 90:10 के अनुपात में लाभ मिलेगा। मनरेगा के लिए 30 हजार करोड़ रुपये और जल जीवन मिशन के लिए 17 हजार करोड़ से बढ़ाकर 67 हजार करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
पंचायत चुनावों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि मामला अब सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंच गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार पंचायती राज संस्थाओं पर हमला कर रही है। जयराम ने कहा कि उच्च न्यायालय ने 30 अप्रैल तक चुनाव करवाने का आदेश दिया था, लेकिन मुख्यमंत्री ने इसे मनमाना बताते हुए न्यायालय पर गंभीर टिप्पणी की।