शिमला, 7 फरवरी -:मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि प्रदेश सरकार ने अपने संसाधनों से बीते तीन वर्षों में 26,683 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। वे आज यहां वित्त वर्ष 2026-27 की विधायक प्राथमिकता बैठक में कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों के विधायकों को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वाइल्ड फ्लावर हॉल होटल के स्वामित्व से राज्य को लगभग 401 करोड़ रुपये का लाभ हुआ है, जबकि कड़छम-वांगतू जल विद्युत परियोजना में रॉयल्टी 12 से बढ़कर 18 प्रतिशत होने से प्रदेश को हर वर्ष करीब 150 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि 15वें वित्त आयोग के तहत हिमाचल को 37,199 करोड़ रुपये का राजस्व घाटा अनुदान मिला, लेकिन 16वें वित्त आयोग द्वारा इसे समाप्त किए जाने से राज्य को लगभग 50 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होगा। मुख्यमंत्री ने इसे पहाड़ी राज्य के साथ अन्याय बताते हुए केंद्र सरकार से राजस्व घाटा अनुदान बहाल करने और विशेष आर्थिक सहायता देने की मांग की।मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि शिपकी-ला दर्रे पर बॉर्डर टूरिज्म की शुरुआत की गई है, लेकिन केंद्रीय बजट 2026-27 में हिमाचल जैसे बौद्ध संस्कृति के प्रमुख केंद्र को बौद्ध सर्किट से बाहर रखना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने पर्यटन के लिए बजट में विशेष प्रावधान न होने पर भी चिंता जताई।
बैठक में विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़ी सड़क, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली, परिवहन और पर्यटन से संबंधित मांगें रखीं। मुख्यमंत्री ने सभी मुद्दों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।बैठक में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष भवानी सिंह पठानिया, मुख्य सचिव संजय गुप्ता सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।