चंडीगढ़। हरियाणा में तहसीलदारों की चल रही हड़ताल के चलते रजिस्ट्री कार्य प्रभावित होने पर प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। आम लोगों को राहत देने के लिए सरकार ने जिला राजस्व अधिकारियों को रजिस्ट्री करने की अधिकारिक शक्तियां सौंप दी हैं। इसके तहत सभी जिलों में अब डीआरओ स्वयं रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी करेंगे, जबकि उप तहसीलों और उपमंडलों में यह जिम्मेदारी एसडीएम को दी गई है।
सरकार के इस फैसले का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हड़ताल के बावजूद रजिस्ट्री से जुड़ा कार्य पूरी तरह ठप न हो और लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। अधिकारियों के अनुसार, मुख्यालय स्तर पर डीआरओ रजिस्ट्री करेंगे और तहसील/उपमंडल स्तर पर एसडीएम रजिस्ट्री प्रक्रिया को अंजाम देंगे।
प्रदेश में तहसीलदारों की हड़ताल के कारण अब तक कुल 10077 रजिस्ट्रियां लंबित हो चुकी हैं। आंकड़ों के अनुसार, गुरुग्राम में सबसे अधिक 2435 रजिस्ट्रियां पेंडिंग हैं। वहीं हांसी ऐसा क्षेत्र है जहां एक भी रजिस्ट्री लंबित नहीं है। अन्य जिलों की बात करें तो फरीदाबाद में 713, सोनीपत में 647 और रेवाड़ी में 523 रजिस्ट्रियां पेंडिंग पड़ी हैं।
लंबित रजिस्ट्रियों के चलते आम जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है, वहीं सरकार को भी राजस्व हानि का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सरकार जल्द से जल्द पेंडिंग रजिस्ट्रियों को निपटाने की दिशा में काम कर रही है, ताकि व्यवस्था सामान्य हो सके और नागरिकों को राहत मिल सके।