शिमला, संजू -:दिल्ली दौरे से शिमला लौटते ही मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भाजपा नेताओं पर तीखा हमला बोला। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि उन्हें बेवजह आरोप लगाने की बजाय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर हिमाचल प्रदेश के हितों की पैरवी करनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जयराम ठाकुर अपने सांसदों और विधायकों को साथ लेकर केंद्र सरकार से राज्य के अधिकारों और आर्थिक मदद की मांग करें, ताकि प्रदेश को वास्तविक लाभ मिल सके।
सीएम सुक्खू ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं और चिट्ठी के मुद्दे पर जनता को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आत्मनिर्भर हिमाचल की दिशा में ठोस कदम उठा रही है और ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया है जिससे आम जनता पर अनावश्यक बोझ पड़े।डॉ. राजीव बिंदल के आरोपों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पिछली भाजपा सरकार की तुलना में निगमों और बोर्डों में आधे पदों पर ही नियुक्तियां की हैं। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा नियुक्तियां योग्यता और कार्यकुशलता के आधार पर की गई हैं, जिससे संस्थानों के कामकाज में सुधार आया है। सीएम सुक्खू ने पूर्व भाजपा सरकार पर 54 हजार करोड़ रुपये की फिजूलखर्ची का आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस सरकार ने वित्तीय अनुशासन लागू कर आर्थिक स्थिति को पटरी पर लाने का प्रयास किया है।उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस सरकार बनी थी, तब प्रदेश की आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी, जिसे उन्होंने “श्रीलंका जैसे हालात” बताया था। लेकिन तीन वर्षों में सरकार ने राजस्व बढ़ाने और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए कई कड़े कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने गलत तरीके से कर्ज लिया, जबकि आरडीजी (राज्य का वैध अधिकार) को रोका जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात न हो पाने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि संसद सत्र के चलते समय नहीं मिल सका। उन्होंने बताया कि दिल्ली में संगठनात्मक बैठकों के साथ-साथ उन्होंने पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम से भी प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर विस्तार से चर्चा की। सीएम ने कहा कि चिदंबरम ने आरडीजी बंद होने पर आश्चर्य जताया और राज्य को