शिमला, संजू-: हिमाचल प्रदेश भाजपा के सह-प्रभारी संजय टंडन ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर तीखा प्रहार करते हुए राज्य की आर्थिक स्थिति को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार वित्तीय कुप्रबंधन के कारण प्रदेश को संकट की ओर धकेल रही है और जनता को वास्तविक स्थिति से भटकाने का प्रयास कर रही है।
संजय टंडन ने कहा कि हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां लगभग समान हैं, लेकिन विकास के मामले में दोनों राज्यों की दिशा अलग-अलग नजर आ रही है। उनका कहना था कि जहां उत्तराखंड निरंतर प्रगति कर रहा है, वहीं हिमाचल विकास की दौड़ में पिछड़ता जा रहा है। उन्होंने इस अंतर के लिए प्रदेश की “भ्रष्ट और दिशाहीन सरकार” को जिम्मेदार ठहराया।आरडीजी (RDG) के मुद्दे पर बोलते हुए टंडन ने मुख्यमंत्री को सीधे चुनौती देते हुए कहा कि अधिकारियों के माध्यम से प्रेजेंटेशन देने के बजाय वे स्वयं सामने आकर प्रदेश की वित्तीय स्थिति स्पष्ट करें। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री में साहस है तो वे जनता के समक्ष खुलकर चर्चा करें और तथ्यों के आधार पर जवाब दें। टंडन ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर प्रदेश की जनता में भ्रम की स्थिति पैदा कर रही है।उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश को विभिन्न मंत्रालयों के माध्यम से 90:10 के अनुपात में अनेक योजनाओं के तहत आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। इसके बावजूद राज्य की आर्थिक हालत बिगड़ना प्रदेश सरकार की नीतिगत विफलता को दर्शाता है।
इस अवसर पर भाजपा सह-प्रभारी ने ‘समर्पण दिवस’ के मौके पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय को भी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट आत्मनिर्भर और विकसित भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उनके अनुसार बजट में समाज के हर वर्ग का ध्यान रखा गया है और बीते 11 वर्षों में देश ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है।
टंडन ने दावा किया कि भारत की अर्थव्यवस्था 2 ट्रिलियन डॉलर से आगे बढ़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुकी है और आने वाले वर्षों में तीसरे स्थान पर पहुंचने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने बताया कि एनपीए 11 प्रतिशत से घटकर 2 प्रतिशत से नीचे आ गया है, जबकि नेट एनपीए 1 प्रतिशत से भी कम है। डिजिटल भुगतान में भारत की वैश्विक हिस्सेदारी 40 प्रतिशत से अधिक होने का भी उन्होंने उल्लेख किया।उन्होंने कहा कि मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग, एफडीआई, सोलर एनर्जी, इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर विकास जैसे क्षेत्रों में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। साथ ही, पर्यटन के क्षेत्र में भी देश की पहचान व्यापक हुई है। उन्होंने विपक्ष पर संसद में चर्चा से बचने और केवल राजनीतिक शोर मचाने का आरोप भी लगाया।