नई दिल्ली। कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार पर एक बार फिर जमीन घोटाले के गंभीर आरोप लगे हैं। भाजपा ने दावा किया है कि राज्य सरकार ने नगर निगम और शहरी विकास विभाग की करोड़ों रुपये मूल्य की सरकारी जमीन बेहद कम कीमत पर कांग्रेस भवन ट्रस्ट को आवंटित कर दी है।
भाजपा नेता और पार्टी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि यह मामला सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग और राजनीतिक लाभ के लिए जमीन बांटने से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि जिन जमीनों का उपयोग जनता की सुविधाओं और विकास कार्यों के लिए होना चाहिए था, उन्हें कांग्रेस पार्टी के कार्यालय निर्माण के लिए दे दिया गया।
भाटिया के अनुसार, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने नगर निगम प्रशासन के 12 प्लॉट कांग्रेस भवन ट्रस्ट को सौंपे हैं। इसके अलावा शहरी विकास मंत्रालय के 12 अन्य प्लॉट भी ट्रस्ट को दिए गए हैं। कुल मिलाकर करीब 24 सरकारी प्लॉट कांग्रेस भवन ट्रस्ट के पास चले गए।
भाजपा ने आरोप लगाया कि इन प्लॉटों की बाजार कीमत 40 से 50 करोड़ रुपये के बीच है, लेकिन इन्हें महज 2 करोड़ रुपये में ट्रस्ट को दे दिया गया।
प्रवक्ता ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी ने पहले भी नेशनल हेराल्ड केस में सरकारी संपत्तियों को निजी लाभ के लिए इस्तेमाल किया था और अब कर्नाटक में भी उसी तरह का मॉडल अपनाया जा रहा है। भाजपा ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और जनता को जवाब दिया जाए कि सरकारी जमीनों को इतनी सस्ती दर पर क्यों दिया गया।