सूडान | सूडान के कोर्डोफान क्षेत्र में हालात लगातार बदतर होते जा रहे हैं। बीते कुछ दिनों से जारी ड्रोन हमलों ने पूरे इलाके को युद्ध के मैदान में बदल दिया है। सूडान डॉक्टर्स नेटवर्क के अनुसार, इन हमलों में अब तक कम से कम 77 निर्दोष नागरिकों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
सूडान में जारी गृहयुद्ध को लगभग तीन साल पूरे होने जा रहे हैं, लेकिन हिंसा रुकने का नाम नहीं ले रही। लगातार बढ़ते हमलों के चलते कोर्डोफान क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
स्थानीय नागरिकों और मानवाधिकार संगठनों का आरोप है कि पैरामिलिट्री संगठन रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) घनी आबादी वाले इलाकों को निशाना बना रहा है। दक्षिण कोर्डोफान की राजधानी कडुगली और पड़ोसी शहर डिलिंग में सबसे अधिक तबाही देखी गई है। लोगों का कहना है कि ड्रोन हमले अब रोज की घटना बन चुके हैं और इनमें बाजार, अस्पताल तथा रिहायशी मकानों को भी निशाना बनाया जा रहा है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल 2023 से शुरू हुए इस गृहयुद्ध में अब तक 40 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं करीब 1.2 करोड़ लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। राहत एजेंसियों का मानना है कि वास्तविक आंकड़े इससे कहीं ज्यादा हो सकते हैं, क्योंकि कई दूरदराज इलाकों तक पहुंचना बेहद मुश्किल हो गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि युद्ध का केंद्र अब सूडान के पश्चिमी हिस्सों की ओर खिसक चुका है, जिससे कोर्डोफान एक प्रमुख युद्धक्षेत्र बन गया है। सूडानी सेना ने दावा किया था कि उसने RSF की दो साल पुरानी घेराबंदी तोड़ दी है, लेकिन जमीनी स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। कई इलाके अब भी घिरे हुए हैं और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर ड्रोन हमलों के जरिए पलटवार कर रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र ने भी इस हिंसा पर कड़ा रुख अपनाया है। UN मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने नागरिकों की हत्या की निंदा करते हुए कहा कि स्कूलों, अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों जैसे नागरिक स्थलों पर हमले युद्ध अपराध की श्रेणी में आते हैं। वहीं UN प्रवक्ता स्टेफेन दुजार्रिक ने चेतावनी दी है कि दोनों पक्ष ड्रोन तकनीक का खतरनाक इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे हालात और अधिक गंभीर हो सकते हैं।
सूडान में जारी यह गृहयुद्ध अब लगातार विनाशकारी रूप लेता जा रहा है और इसकी सबसे बड़ी कीमत आम नागरिकों को चुकानी पड़ रही है।