करनाल। करनाल के सौंकड़ा गांव के पास नहर किनारे सड़क पर पाइपलाइन बिछाने के दौरान बड़ा हादसा हो गया। खुदाई के लिए बनाए गए गहरे गड्ढे में अचानक मिट्टी धंसने से दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में शोक और दहशत का माहौल है।
जानकारी के अनुसार नहर के साथ डेरे की ओर जाने वाली सड़क पर रजबाहे के लिए पाइपलाइन बिछाने का कार्य ठेकेदार के माध्यम से करवाया जा रहा था। इसी दौरान गहरे गड्ढे में उतरकर दो मजदूर काम कर रहे थे, तभी अचानक ऊपर से भारी मात्रा में मिट्टी गिर गई और दोनों मजदूर उसके नीचे दब गए।
हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों की पहचान 42 वर्षीय रामपाल निवासी गांव सांभी और 40 वर्षीय आसाराम निवासी भिवानी क्षेत्र के रूप में हुई है। मौके पर मौजूद अन्य मजदूरों ने दोनों को बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
घटना के बाद निर्माण स्थल पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि गहरे गड्ढों में काम करवाने से पहले किसी तरह के सुरक्षा उपकरण या सपोर्ट सिस्टम की व्यवस्था नहीं की गई थी।
मृतक रामपाल की पत्नी सुषमा ने बताया कि मौसम खराब होने के कारण उन्होंने पति को काम पर जाने से मना किया था, लेकिन ठेकेदार ने दबाव बनाकर काम पर बुला लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मजदूरों के पास कोई सेफ्टी उपकरण नहीं था। सुषमा ने बताया कि जैसे ही मजदूर गड्ढे में उतरे, कुछ ही देर में मिट्टी धंस गई और उनके पति रामपाल मिट्टी में दब गए।
उन्होंने बताया कि हादसे के बाद काफी मशक्कत से रामपाल को बाहर निकाला गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी। उस समय गड्ढे में चार से पांच मजदूर काम कर रहे थे, जिनमें से दो की जान चली गई।
हादसे के बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया है और परिजनों को सूचना दे दी गई है।
जांच अधिकारी कर्मबीर ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि पाइपलाइन बिछाने के दौरान मिट्टी धंसने से हादसा हुआ। उन्होंने कहा कि आगे की कानूनी कार्रवाई परिजनों की शिकायत के आधार पर की जाएगी। मामले में एक पक्ष इसे हादसा बता रहा है, जबकि दूसरा पक्ष इसे ठेकेदार की लापरवाही मान रहा है।