कैथल। गुहला-चीका से कांग्रेस विधायक देवेंद्र हंस पर एफआईआर दर्ज होने का मामला अब लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। विधायक पर कैथल के एसडीएम को झुनझुना थमाने के आरोप में केस दर्ज किया गया है। इस मुद्दे पर अब सिरसा से कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया भी खुलकर सामने आ गए हैं।
गोकुल सेतिया ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर देवेंद्र हंस का समर्थन किया और कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब चुने हुए जनप्रतिनिधि अधिकारियों से मिलने जाते हैं और उनके काम नहीं होते, तो जवाबदेही अफसरों की बनती है, न कि विधायक की।
वीडियो में सेतिया ने कहा कि देवेंद्र हंस एसडीएम से अपने क्षेत्र के कामों को लेकर मिलने गए थे, लेकिन जब उनकी बात नहीं सुनी गई तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में झुनझुना थमा दिया और कहा कि “काम नहीं है तो इसे बजा लो।” उन्होंने सवाल किया कि क्या इसमें कोई अपमानजनक शब्द बोले गए? क्या कोई गाली-गलौज की गई? अगर नहीं, तो फिर एफआईआर दर्ज करना कहां तक उचित है।
इसके साथ ही विधायक गोकुल सेतिया ने हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज का उदाहरण देते हुए कहा कि विज द्वारा कैथल की महिला एसपी के साथ किए गए व्यवहार पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, लेकिन देवेंद्र हंस पर तुरंत मामला दर्ज कर दिया गया।
सेतिया ने विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष को सदन में बैठे विधायकों की गरिमा और सम्मान की रक्षा करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई अधिकारी जनप्रतिनिधियों की बात नहीं सुनता, तो उस पर कार्रवाई होनी चाहिए।
इस बयान के बाद कांग्रेस विधायक देवेंद्र हंस पर दर्ज एफआईआर का मुद्दा अब राजनीतिक बहस का रूप लेता नजर आ रहा है।