नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है, और हालिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि अमेरिकी सेना इस वीकेंड तक ईरान पर सैन्य कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है। हालांकि, व्हाइट हाउस और पेंटागन ने इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
रिपोर्टों के अनुसार अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ संभावित ऑपरेशन के लिए जंगी जहाज, फाइटर जेट और रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट को तैनात कर दिया है। अमेरिका के पास मध्य पूर्व में 13 युद्धपोत मौजूद हैं, जिनमें दुनिया का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर USS गेराल्ड आर. फोर्ड भी शामिल है, जो अटलांटिक महासागर से मध्य पूर्व की ओर बढ़ रहा है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अभी तक अंतिम फैसला नहीं लिया है कि वे ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करेंगे या नहीं। ट्रंप ने तेहरान को चेतावनी दी है कि अगर वर्तमान न्यूक्लियर डील में कोई नया समाधान नहीं निकलता है, तो अमेरिका मजबूरन सैन्य विकल्प अपनाएगा।
अमेरिकी कमांडर-इन-चीफ ने इस ऑपरेशन के पक्ष और विपक्ष पर निजी रूप से चर्चा की है और अपने सलाहकारों के साथ रणनीति पर विचार-विमर्श कर रहे हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ऑपरेशन कई हफ्तों तक चल सकता है, और इसके लिए सभी आवश्यक सैन्य तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की संभावित कार्रवाई से मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ सकता है, जिससे वैश्विक सुरक्षा और तेल की आपूर्ति पर भी असर पड़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी इस मामले पर नजर बनाए हुए है और अमेरिका के अगले कदम को लेकर चिंता व्यक्त कर रहा है।