चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र का पूरा कार्यक्रम अंतिम रूप दे दिया गया है। मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री नायब सिंह सैनी 2 मार्च को वर्ष 2026-27 के लिए लगभग सवा लाख करोड़ रुपये का बजट सदन में पेश करेंगे। यह बजट पिछले वर्षों के मुकाबले काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें राज्य के विकास और विभिन्न विभागों के लिए महत्वपूर्ण आवंटन शामिल है।
सत्र के पहले दिन विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कार्य सलाहकार समिति की पहली रिपोर्ट सदन में पेश कर संभावित कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया। सलाहकार समिति की सिफारिश के अनुसार, बजट प्रस्तुतिकरण प्रातः 11 बजे से शुरू होगा। इसके बाद वित्त मंत्री सदन में बजट पर विस्तृत जानकारी देंगे।
बजट अनुमानों पर सामान्य चर्चा 5 मार्च से शुरू होगी, जो चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगी। 10 से 13 मार्च तक विभागीय स्थायी समितियां प्रस्तावित खर्च और आवंटन पर विस्तार से विचार करेंगी। इन समितियों की रिपोर्ट 16 मार्च को सदन में रखी जाएगी। 17 मार्च को वित्त मंत्री द्वारा जवाब देने के बाद बजट पर चर्चा और मतदान होगा। इसी दिन विनियोग विधेयक भी पेश किया जाएगा।
सत्र की शुरुआत ,राज्यपाल के अभिभाषण से हुई थी। इसके बाद 23 से 27 फरवरी तक प्रश्नकाल, शून्यकाल और राज्यपाल अभिभाषण पर सामान्य चर्चा होगी। 27 फरवरी को मुख्यमंत्री द्वारा जवाब और धन्यवाद प्रस्ताव पर मतदान होगा।
वर्ष 2025-26 के अनुपूरक अनुमान (तीसरी किस्त) 26 फरवरी को प्रस्तुत किए जाएंगे और उसी दिन उस पर चर्चा और मतदान होगा। बैठक का समय अलग-अलग रहेगा, कुछ दिन सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे और कुछ दिन दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगी।
विशेष रूप से 10 से 13 मार्च तक विभागीय समितियों की बैठकें अहम मानी जा रही हैं, क्योंकि इन्हीं में विभिन्न विभागों के खर्च और प्रस्तावित आवंटन की गहन समीक्षा होगी। 18 मार्च को प्रश्नकाल के साथ निरंतर बैठक और अनिश्चितकालीन स्थगन प्रस्ताव पेश किए जाएंगे।