नई दिल्ली | तेलंगाना में हाल ही में संपन्न हुए नगरपालिका चुनावों के बाद एक अनोखा विवाद सामने आया है। कई शहरों से ऐसी खबरें मिल रही हैं कि चुनाव हारने वाले कुछ उम्मीदवार मतदाताओं के घर पहुंचकर प्रचार के दौरान वितरित किए गए नकद और उपहार वापस मांग रहे हैं। इस घटनाक्रम ने कई स्थानों पर बहस और तनाव की स्थिति पैदा कर दी है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में कथित तौर पर कुछ उम्मीदवार या उनके परिजन मतदाताओं से रुपये और उपहार लौटाने की मांग करते दिखाई दे रहे हैं। इन वीडियो के सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। हालांकि राज्य चुनाव आयोग के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें अब तक इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।
कई जिलों से सामने आई घटनाएं
मेडचल-मलकाजगिरी, खम्मम, सूर्यपेट, पेड्डापल्ली, भद्राद्री कोठागुडेम, जगतियाल और निजामाबाद जिलों से उम्मीदवारों और मतदाताओं के बीच कहासुनी और झड़प की खबरें सामने आई हैं। कई मतदाताओं का कहना है कि चुनाव के दौरान दिया गया पैसा या उपहार स्वेच्छा से लिया गया था और अब उसे वापस मांगना अनुचित है।
कुछ वायरल वीडियो में एक उम्मीदवार को मतदाताओं से लगभग 2,500 रुपये मूल्य के प्रेशर कुकर वापस मांगते देखा गया। मंचेरियल, भुवनागिरी और सूर्यपेट जिलों से भी इसी तरह की घटनाओं की सूचना है।
प्रचार के दौरान बांटे गए थे नकद और उपहार
सूत्रों के अनुसार, 10 फरवरी को मतदान से पहले कुछ नगर पालिकाओं और वार्डों में उम्मीदवारों ने कथित तौर पर प्रति वोट 2,500 से 3,000 रुपये तक नकद राशि वितरित की थी। इसके अलावा महिला मतदाताओं को प्रेशर कुकर और साड़ियां भी दी गई थीं।
चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद कुछ उम्मीदवारों को संदेह हुआ कि जिन इलाकों में उन्होंने अधिक खर्च किया, वहां से उन्हें अपेक्षित समर्थन नहीं मिला। इसके बाद कथित रूप से कुछ लोगों ने अपने स्तर पर रकम और उपहार वापस लेने की कोशिश की।
कुछ मामलों में मतदाताओं ने स्वेच्छा से पैसे लौटा दिए, जबकि कई ने ऐसा करने से इनकार कर दिया और इसे कानून के खिलाफ कदम बताया।
फिलहाल, राज्य चुनाव आयोग ने किसी आधिकारिक शिकायत की पुष्टि नहीं की है। यदि शिकायत दर्ज होती है तो मामले की जांच की जाएगी।