नई दिल्ली। अगर आप सोने और चांदी में निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो दुनिया के बड़े निवेश बैंकों की ताजा रिपोर्ट आपके लिए अहम हो सकती है। वैश्विक बाजार में अस्थिरता के बीच जेपी मॉर्गन (JP Morgan) और बैंक ऑफ अमेरिका ने कीमती धातुओं के भाव और भविष्य को लेकर नए अनुमान पेश किए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले समय में सोने की कीमतों में तेज वृद्धि देखने को मिल सकती है, जिससे निवेशकों के लिए मौके बढ़ सकते हैं।
दिग्गज बैंक जेपी मॉर्गन ने अपने दीर्घकालिक आउटलुक को अपडेट करते हुए कहा है कि साल 2026 तक सोना $6,300 प्रति औंस तक पहुंच सकता है। इससे पहले बैंक ने 4,500 डॉलर का अनुमान लगाया था। तेजी के पीछे मुख्य कारण केंद्रीय बैंकों की लगातार सोने की खरीद और बड़े निवेशकों द्वारा अपने पोर्टफोलियो में गोल्ड की हिस्सेदारी बढ़ाना बताया गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सोने की बढ़ती मांग के पीछे तीन प्रमुख कारण हैं: वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, ब्याज दरों में संभावित कटौती और जनवरी में रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद कीमतों का उच्च स्तर बनाए रखना। इस साल अब तक स्पॉट गोल्ड की कीमत में लगभग 20% की वृद्धि हो चुकी है।
चांदी के मामले में बैंक ऑफ अमेरिका का नजरिया थोड़ा अलग है। शॉर्ट टर्म में चांदी की कीमतों में थोड़ी कमजोरी आ सकती है, लेकिन लंबी अवधि में विशेषज्ञ उम्मीद जताते हैं कि चांदी की कीमत एक बार फिर $100 प्रति औंस के पार जा सकती है। इसके पीछे औद्योगिक मांग और ग्रीन एनर्जी सेक्टर में चांदी के बढ़ते उपयोग को मुख्य कारण माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, 2026 में निवेशकों के लिए कीमती धातुओं का रुझान मजबूत रहने का संकेत है, और सोना-चांदी दोनों ही लंबी अवधि में आकर्षक विकल्प बने रह सकते हैं।