शिमला, संजू-:शिमला स्थित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (IGMC) में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नई 3 टेस्ला एमआरआई (MRI) मशीन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को अत्याधुनिक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। नई हाई-एंड मशीन के स्थापित होने से मरीजों को अब बेहतर और सटीक जांच सुविधा मिलेगी, जिससे गंभीर बीमारियों का समय रहते निदान संभव हो सकेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अभी तक अस्पताल में 19 वर्ष पुरानी 1.5 टेस्ला मशीन से ही एमआरआई जांच की जा रही थी, जिसके कारण मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ता था। नई 3 टेस्ला मशीन उच्च-रेजोल्यूशन इमेजिंग तकनीक से लैस है, जिससे स्कैन अधिक स्पष्ट और सटीक होंगे। इससे न केवल जांच की गुणवत्ता बेहतर होगी, बल्कि मरीजों को मिलने वाली तारीखों में भी कमी आएगी। प्रदेशभर से आईजीएमसी आने वाले मरीजों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अगले एक वर्ष के भीतर सभी मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक और हाई-एंड मेडिकल टेक्नोलॉजी स्थापित करेगी, ताकि लोगों को उपचार के लिए प्रदेश से बाहर न जाना पड़े। उनका कहना था कि स्वास्थ्य संस्थानों को सुदृढ़ बनाकर ही आम जनता को राहत दी जा सकती है। सरकार का उद्देश्य है कि हिमाचल में ही विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हों।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्व भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भारी वित्तीय संसाधन मिलने के बावजूद स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में अपेक्षित कार्य नहीं किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सरकार ने आम जनता की जरूरतों के बजाय चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंचाने वाली योजनाओं पर अधिक ध्यान दिया। वर्तमान सरकार पारदर्शिता और जनहित को प्राथमिकता देते हुए स्वास्थ्य क्षेत्र में ठोस सुधार कर रही है।
दिल्ली और हिमाचल पुलिस के बीच हाल ही में हुए विवाद पर भी मुख्यमंत्री ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बिना वर्दी और स्थानीय पुलिस को सूचित किए बिना किसी अन्य राज्य की पुलिस द्वारा कार्रवाई करना उचित प्रक्रिया और संवैधानिक व्यवस्था की भावना के अनुरूप नहीं है। किसी भी राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी संबंधित राज्य पुलिस की होती है। उन्होंने कहा कि बिना समन्वय की गई ऐसी कार्रवाई से लोगों की सुरक्षा और अधिकारों पर सवाल उठते हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हिमाचल प्रदेश को संविधान द्वारा प्रदत्त स्वायत्तता का सम्मान किया जाना चाहिए.