मंडी, धर्मवीर-: सरदार पटेल यूनिवर्सिटी मंडी में टांकरी लिपि पर पांच दिवसीय विशेष कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों के 100 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को हिमाचल की प्राचीन लिपि टांकरी से परिचित कराना और उन्हें पारंपरिक लेखन पद्धति का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना था। कार्यक्रम में इतिहास विभाग के अध्यक्ष डॉ. राकेश शर्मा की अगुवाई में विशेषज्ञों की टीम ने विद्यार्थियों को लिपि की बारीकियों से अवगत कराया। कांगड़ा से आए टांकरी विशेषज्ञ डॉ. जगदीश कपूर ने लिपि की उत्पत्ति, विकास और ऐतिहासिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को टांकरी लिपि में अक्षर, शब्द और अंक लिखने का अभ्यास कराया गया। साथ ही वाक्य निर्माण और प्राचीन दस्तावेजों को पढ़ने की प्रारंभिक विधि भी सिखाई गई।प्रशिक्षण सत्रों के अतिरिक्त टांकरी आधारित लेखन प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं, जिससे विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला. विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर ललित कुमार अवस्थी ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत से भी जोड़ना है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार की कार्यशालाएं विद्यार्थियों को प्रदेश के समृद्ध इतिहास को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले छात्रों मुनीष कुमार और लखवेंद्र सिंह ने कहा कि इस कार्यशाला से उन्हें टांकरी लिपि की गहन जानकारी मिली है। अब वे टांकरी में लिखे ऐतिहासिक दस्तावेजों को पढ़ने और समझने में सक्षम होंगे। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस पहल से पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।कार्यक्रम के समापन पर प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए, जबकि सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। आयोजन ने विद्यार्थियों में अपनी सांस्कृतिक धरोहर के प्रति नई जागरूकता पैदा की।