ऊना | हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में उस समय शोक की लहर दौड़ गई जब क्षेत्र के क्यारियां गांव निवासी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान मनीष कुमार के श्रीनगर में शहीद होने की खबर सामने आई। इस दुखद सूचना के बाद पूरे इलाके में मातम छा गया और गांव के लोगों की आंखें नम हो गईं।
मनीष कुमार, जो रामपाल के पुत्र थे, लंबे समय से सीआरपीएफ में सेवाएं दे रहे थे और देश की सुरक्षा में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे थे। बताया जा रहा है कि वे श्रीनगर में तैनात थे और ड्यूटी के दौरान ही उन्होंने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दे दिया। जैसे ही उनकी शहादत की खबर क्यारियां गांव और आसपास के क्षेत्रों में पहुंची, लोगों में गहरा शोक फैल गया।
ग्रामीणों के अनुसार मनीष कुमार बेहद मिलनसार, अनुशासित और कर्तव्यनिष्ठ जवान थे। उनकी बहादुरी और समर्पण पर पूरे गांव को गर्व था। उनकी शहादत से जहां क्षेत्र ने एक वीर सपूत खो दिया, वहीं परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
इस घटना पर हमीरपुर से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि कुटलैहड़ के क्यारियां गांव निवासी सीआरपीएफ जवान मनीष कुमार की शहादत की खबर बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने कहा कि मां भारती के प्रति उनका समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।
सांसद ने शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति मिले और परिजनों को इस कठिन समय में दुख सहने की शक्ति प्राप्त हो।
फिलहाल शहादत के कारणों और पार्थिव देह के गांव पहुंचने के समय को लेकर प्रशासन और सीआरपीएफ की ओर से आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है। पूरा गांव अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई देने के लिए गमगीन माहौल में प्रतीक्षा कर रहा है।