गुरुग्राम। साइबर सिटी में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने और वायु प्रदूषण को कम करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। नगर निगम कार्यालय में आयोजित वायु प्रदूषण नियंत्रण समीक्षा बैठक में निर्णय लिया गया कि अप्रैल के अंत तक शहर में 200 नई इलेक्ट्रिक बसें संचालित की जाएंगी। बैठक की अध्यक्षता निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने की, जिसमें विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
बैठक में वर्ष 2026 की वार्षिक कार्ययोजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए अवैध टायर रीसाइक्लिंग इकाइयों, अवैध उद्योगों और पर्यावरण मानकों का उल्लंघन करने वाली निर्माण गतिविधियों के खिलाफ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के तहत सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही शहर में पार्टिकुलेट मैटर की मात्रा में 15 से 20 प्रतिशत तक कमी लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
ट्रैफिक जाम और पार्किंग प्रबंधन पर जोर
बैठक में ट्रैफिक पुलिस को शहर के प्रमुख जाम वाले स्थानों और टोल प्लाजा की पहचान कर डी-कंजेशन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए। पार्किंग स्थलों के बेहतर उपयोग, अतिक्रमण की स्थिति का सर्वे और आवश्यक कार्रवाई पर भी बल दिया गया। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम और एएनपीआर आधारित स्वचालित चालान प्रणाली पहले से लागू होने की जानकारी दी गई।
शहर बस सेवा के विस्तार की योजना
गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन सिटी बस लिमिटेड के अधिकारियों ने बताया कि शहर की जरूरत के अनुसार लगभग एक हजार बसों की आवश्यकता है, जबकि फिलहाल करीब 150 बसें संचालित हो रही हैं। केंद्र के दिशा-निर्देशों के अनुसार चरणबद्ध तरीके से बस सेवा के विस्तार की योजना तैयार की गई है। 200 नई बसों की खरीद को लेकर हाई पावर परचेज कमेटी में चर्चा हो चुकी है और अप्रैल के अंत तक इनके उपलब्ध होने की संभावना जताई गई है।
सड़क मरम्मत और एंटी-स्मॉग गन तैनाती
गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमडीए) को सड़कों पर मौजूद गड्ढों की 48 घंटे के भीतर मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सड़क किनारे देशी प्रजातियों के पौधरोपण की योजना तैयार करने और 30 ट्रक माउंटेड एंटी-स्मॉग गन किराए पर लेने की प्रक्रिया तेज करने को कहा गया है। अक्टूबर 2027 तक शहर की सड़कों को पूरी तरह एंड-टू-एंड पेविंग करने का लक्ष्य रखा गया है।
डस्ट फ्री रोड और ठोस कचरा प्रबंधन पर फोकस
नगर निगम के अधिकारियों को डस्ट फ्री रोड अभियान को प्रभावी बनाने, महिला स्वयं सहायता समूहों को कचरा संग्रहण और कचरे के पृथक्करण से जोड़ने तथा विकेंद्रीकृत अपशिष्ट प्रबंधन मॉडल लागू करने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग और निर्माण एवं विध्वंस से निकलने वाले कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन पर भी जोर दिया गया।
तालाबों के विकास और हरित पहल को बढ़ावा
नगर निगम क्षेत्र के 74 तालाबों में से 55 का विकास कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष पर काम जारी है। मानसून से पहले सभी तालाबों की सफाई और गहरीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अडूसा, करोंदा, बोगनवेलिया, रात की रानी और मेहंदी जैसी देशी प्रजातियों के पौधे लगाने पर जोर दिया गया।
बैठक में पीडब्ल्यूडी, एचएसवीपी, एनएचएआई सहित अन्य विभागों को चरणबद्ध कार्ययोजना प्रस्तुत करने और नियमित समीक्षा बैठकों में प्रगति रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए। निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि अवैध गतिविधियों पर सख्ती, बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन, हरित पहल और जनभागीदारी के माध्यम से वर्ष 2026 में शहर में प्रदूषण स्तर को उल्लेखनीय रूप से कम करने का लक्ष्य रखा गया है।