नई दिल्ली | पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत का स्पष्ट रुख सामने रखा है। ईरान पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले के बाद क्षेत्र में पैदा हुए हालात पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि भारत हमेशा शांति, स्थिरता और संवाद के माध्यम से समाधान का पक्षधर रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति गंभीर चिंता का विषय है। दुनिया के कई हिस्सों में बढ़ते तनाव के बीच भारत का मानना है कि किसी भी विवाद का समाधान युद्ध नहीं बल्कि बातचीत और कूटनीति के जरिए निकाला जाना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि भारत वैश्विक शांति बनाए रखने के प्रयासों का लगातार समर्थन करता रहा है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क और प्रतिबद्ध है। भारत इस क्षेत्र में मौजूद अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संबंधित देशों के साथ लगातार संपर्क में बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि भारत सभी पक्षों से संयम बरतने और तनाव को कम करने की दिशा में कदम उठाने की अपील करता है। भारत का मानना है कि संवाद और कूटनीतिक प्रयासों के जरिए ही क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित की जा सकती है।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से भी फोन पर बातचीत की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और क्षेत्रीय हालात पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने इस बातचीत में संघर्ष को जल्द समाप्त करने और शांति बहाल करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
भारत ने एक बार फिर दोहराया है कि वह वैश्विक शांति, स्थिरता और सहयोग की नीति पर कायम है तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संवाद और कूटनीति को ही सबसे प्रभावी रास्ता मानता है।