नई दिल्ली | पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच केंद्र सरकार खाड़ी देशों में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित स्वदेश लाने की तैयारियों में जुट गई है। सरकार संबंधित देशों में स्थित भारतीय दूतावासों के साथ लगातार संपर्क में है और प्रभावित नागरिकों की सहायता के लिए समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया कि क्षेत्र में बदलते हवाई हालात पर करीबी नजर रखी जा रही है। एयरलाइन कंपनी इंडिगो 3 मार्च को सऊदी अरब के जेद्दा से भारत के विभिन्न शहरों के लिए 10 विशेष राहत उड़ानें संचालित करने की योजना बना रही है। ये उड़ानें आवश्यक अनुमतियों और हवाई क्षेत्र की मौजूदा स्थिति पर निर्भर होंगी।
सूत्रों के अनुसार जेद्दा से हैदराबाद, मुंबई, दिल्ली और अहमदाबाद के लिए विशेष उड़ानों की व्यवस्था की जा रही है। इंडिगो जेद्दा स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास के साथ समन्वय कर यात्रियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने में जुटी है।
रविवार रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीएस) की बैठक में खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा पर चर्चा की गई। समिति ने संबंधित मंत्रालयों और एजेंसियों को प्रभावित नागरिकों की सहायता के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि भारतीयों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कदम भी उठाए जाएंगे।
महाराष्ट्र सहित कई राज्यों ने भी खाड़ी में फंसे अपने नागरिकों की मदद के लिए पहल तेज कर दी है। जानकारी के अनुसार हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण सैकड़ों भारतीय विभिन्न खाड़ी देशों में फंसे हुए हैं। दुबई और अबू धाबी में भी कई भारतीय पर्यटक और जनप्रतिनिधि रुके हुए हैं।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर व्यापक असर पड़ा है। सोमवार को भारतीय एयरलाइनों ने 300 से अधिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दीं। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे प्रमुख हवाई अड्डों से आने-जाने वाली कई उड़ानें प्रभावित हुई हैं। इंडिगो, एयर इंडिया समूह, स्पाइसजेट और अकासा एयर सहित विभिन्न एयरलाइनों ने बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द की हैं।
सरकार ने भरोसा दिलाया है कि हालात सामान्य होते ही फंसे भारतीयों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित वापस लाया जाएगा।