शिमला,कार्तिक -:राज्यसभा चुनाव को लेकर प्रदेश कांग्रेस में हलचल तेज हो गई है। 5 मार्च को नामांकन की अंतिम तिथि होने के बावजूद पार्टी की ओर से अब तक उम्मीदवार के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में अटकलों का दौर जारी है कि इस बार कांग्रेस किसे राज्यसभा भेजेगी। इसी बीच कांग्रेस ने 5 मार्च को सुबह 11 बजे विधानसभा परिसर में कांग्रेस विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। सभी विधायकों को इसमें अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।
उद्योग मंत्री हर्ष वर्धन चौहान ने कहा कि राज्यसभा चुनाव को लेकर पार्टी पूरी तरह सतर्क और संगठित है। उन्होंने बताया कि नामांकन भरने की अंतिम समय सीमा 5 मार्च को दोपहर 3 बजे तक है और उम्मीदवार के नाम पर अंतिम निर्णय कांग्रेस हाईकमान द्वारा लिया जाएगा। मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की पार्टी आलाकमान से चर्चा हो चुकी है तथा उम्मीद जताई जा रही है कि उम्मीदवार के नाम की घोषणा शीघ्र कर दी जाएगी।उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उम्मीदवार चाहे कोई भी हो, कांग्रेस विधायक दल पूरी तरह एकजुट है और मुख्यमंत्री के साथ चट्टान की तरह खड़ा है। उन्होंने दावा किया कि इस बार पार्टी का एक भी वोट इधर-उधर नहीं जाएगा। वर्ष 2024 के राज्यसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए उन्होंने उसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। उनका कहना था कि हिमाचल प्रदेश में पहले कभी वोटों की खरीद-फरोख्त की परंपरा नहीं रही, लेकिन पिछली बार जो घटनाक्रम हुआ, उसका राजनीतिक परिणाम भी सामने आ चुका है और जनता ने संबंधित नेताओं को सबक सिखाया है।
बजट सत्र को लेकर भी उद्योग मंत्री ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विधानसभा का बजट सत्र 18 मार्च से शुरू होगा। 20 मार्च को मुख्यमंत्री द्वारा बजट पेश किया जाएगा, जबकि 21, 22 और 23 मार्च को बजट पर विस्तृत चर्चा होगी। 27 और 28 मार्च को कट मोशन लाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि 30 मार्च से पहले बजट पारित किया जाना आवश्यक है। सत्र का विस्तृत कार्यक्रम जल्द ही विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी किया जाएगा।इसके अलावा खाड़ी देशों में रह रहे हिमाचल प्रदेश के लोगों को लेकर भी मंत्री ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा गया है और फिलहाल ऐसी कोई सूचना नहीं है कि प्रदेश का कोई व्यक्ति गंभीर संकट में हो। वहां रह रहे लोगों के परिवारों से भी नियमित संवाद किया जा रहा है। एयर स्पेस खुलने की स्थिति में जरूरतमंद लोगों को वापस लाने के प्रयास किए जाएंगे और सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया जाएगा।