अंबाला,4 मार्च: हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज के प्रयासों से अंबाला-चंडीगढ़ रेलमार्ग के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। रेलवे मंत्रालय ने अंबाला-चंडीगढ़ रेलखंड पर तीसरी और चौथी रेललाइन बिछाने के लिए “फाइनल लोकेशन सर्वे” (एफएलएस) को स्वीकृति दे दी है।
मंत्री अनिल विज ने जानकारी देते हुए बताया कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा पत्र के माध्यम से सर्वे की मंजूरी की सूचना दी गई है। उन्होंने इस स्वीकृति के लिए रेल मंत्री का आभार व्यक्त किया।उन्होंने कहा कि अंबाला और चंडीगढ़ के बीच प्रतिदिन बड़ी संख्या में कर्मचारी, विद्यार्थी, व्यापारी और अन्य यात्री सफर करते हैं। मौजूदा समय में इस व्यस्त रेलमार्ग पर केवल दो लाइनें होने के कारण ट्रेनों पर दबाव रहता है। तीसरी और चौथी लाइन बनने से ट्रेनों की आवाजाही सुगम होगी, यात्रियों को अधिक सुविधा मिलेगी और क्षेत्रीय परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी।
यह रेलखंड हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के यात्रियों के लिए अहम कड़ी है। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। सर्वे पूरा होने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
डेराबस्सी–जीरकपुर के बीच 10 किमी एलिवेटेड रोड का निर्माण प्रस्तावित
मंत्री अनिल विज ने यह भी बताया कि डेराबस्सी से जीरकपुर बाईपास तक लगभग 10 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड रोड बनाया जाएगा, जिससे अंबाला से आने वाले वाहन सीधे जीरकपुर बाईपास से जुड़ सकेंगे। यह मार्ग चंडीमंदिर, कालका और शिमला की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए समय की बचत करेगा।
करीब 1464 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस प्रोजेक्ट के लिए उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का आभार जताया।इस नई सड़क परियोजना से क्षेत्र में यातायात दबाव कम होने और आवागमन अधिक सुगम होने की संभावना जताई जा रही है।