करनाल, राकेश कुमार शर्मा | करनाल के घरौंडा CHC में SHO और डॉक्टर के बीच हुए विवाद ने अब बड़ा रूप ले लिया है।बीती देर रात करीब 10 बजे करनाल के SP खुद CMO कार्यालय पहुँचे और डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की। बैठक में डॉक्टरों ने साफ शब्दों में कहा कि केवल सस्पेंशन से बात नहीं बनेगी, दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए।
डॉक्टरों का आरोप – पुलिस अपने अधिकारियों को बचाने में जुटी :
स्टेट डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अनिल यादव ने बताया कि इस पूरे मामले को लेकर सुबह ही CMO कार्यालय की ओर से SP करनाल को मेल के माध्यम से शिकायत भेज दी गई थी, लेकिन बीती देर रात तक भी न तो FIR दर्ज हुई और न ही ठोस कार्रवाई की गई। उनका कहना है कि इससे साफ प्रतीत होता है कि पुलिस प्रशासन अपने कर्मचारियों और अधिकारियों को बचाने की कोशिश कर रहा है।
सस्पेंशन के बाद भी डॉक्टरों का आक्रोश शांत नहीं
हालांकि घरौंडा के SHO दीपक कुमार को सस्पेंड कर लाइन हाजिर कर दिया गया है, लेकिन डॉक्टर इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि इस मामले में जो धाराएं बनती हैं, वे गैर जमानती हैं और ऐसे में केवल सस्पेंशन नहीं बल्कि FIR और गिरफ्तारी जरूरी है। यही कारण है कि पुलिस महकमे में भी इस पूरे घटनाक्रम को लेकर हलचल मची हुई है।
इतिहास में पहली बार बंद हुई आपात स्वास्थ्य सेवाएं :
इस विवाद का असर अब स्वास्थ्य सेवाओं पर भी साफ दिखाई दे रहा है। करनाल के नागरिक अस्पताल में आपातकालीन सेवाएं तक बंद हो गई हैं, जो अब तक के इतिहास में पहली बार हुआ है। जिले के साथ-साथ प्रदेश भर के डॉक्टरों में इस घटना को लेकर गहरा रोष है। डॉक्टरों का कहना है कि किसी क्लास-वन अधिकारी के साथ इस तरह का व्यवहार पहले कभी नहीं हुआ।
हरियाणा भर में सेवाएं बाधित करने की चेतावनी:
डॉक्टर्स एसोसिएशन ने साफ कर दिया है कि जब तक SHO दीपक कुमार और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज कर गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही चेतावनी दी गई है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे हरियाणा की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं, जिसकी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी।