गुरदासपुर | पंजाब में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए विजिलेंस ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई की है। सब-तहसील काहनूवान में तैनात एक पटवारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पटवारी जमीन के म्यूटेशन से जुड़े मामले को निपटाने के बदले पैसे मांग रहा था।
विजिलेंस ब्यूरो रेंज अमृतसर के इंस्पेक्टर अभिनाशी सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई अमृतसर जिले के गांव सिधवां निवासी जसबीर कौर की शिकायत के आधार पर की गई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसके पारिवारिक जमीन विवाद से जुड़े म्यूटेशन मामले को निपटाने के लिए संबंधित पटवारी विजय कुमार रिश्वत की मांग कर रहा है।
शिकायत के अनुसार, जसबीर कौर के पिता बचन सिंह की वर्ष 2018 में मृत्यु हो गई थी। उनके नाम पर करीब तीन कनाल जमीन थी, जो विरासत के रूप में जसबीर कौर, उसकी तीन बहनों और एक भाई के नाम दर्ज थी। आरोप है कि छोटी बहन ने कथित रूप से धोखे से जमीन अपने नाम दर्ज करवा ली थी। इस मामले में न्याय के लिए जसबीर कौर ने नायब तहसीलदार के पास लिखित शिकायत दी थी।
जांच के लिए मामला पटवारी विजय कुमार को सौंपा गया। शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी पटवारी ने मामले को निपटाने के लिए पहले पांच हजार रुपये की मांग की थी, लेकिन बाद में सौदा दो हजार रुपये में तय हुआ।
शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ब्यूरो ने योजना बनाकर जाल बिछाया और आरोपी को दो हजार रुपये रिश्वत लेते समय रंगे हाथों पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी पटवारी के खिलाफ अमृतसर विजिलेंस रेंज पुलिस स्टेशन में भ्रष्टाचार से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि मामले की आगे जांच जारी है और जरूरत पड़ने पर अन्य पहलुओं की भी जांच की जाएगी।