हमीरपुर, अरविन्द -:हिमाचल परिवहन सेवा से सेवानिवृत्त कर्मचारियों में पेंशन के भुगतान में हो रही देरी और चिकित्सा बिलों के लंबित भुगतान को लेकर गहरा रोष देखा जा रहा है। इन मुद्दों को लेकर हिमाचल परिवहन सेवा सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण मंच, हमीरपुर इकाई की मासिक बैठक बस अड्डा हमीरपुर परिसर में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष नन्द लाल चौहान ने की, जबकि प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष अजमेर ठाकुर विशेष रूप से उपस्थित रहे।
बैठक में पेंशन के समय पर भुगतान न होने, पेंशनरों के विभिन्न लंबित देयकों और पिछले तीन वर्षों से चिकित्सा बिलों के भुगतान न किए जाने के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। उपस्थित सदस्यों ने इन समस्याओं को लेकर सरकार और निगम प्रबंधन के प्रति नाराजगी जताई और कहा कि लंबे समय से पेंशनरों की समस्याएं अनदेखी की जा रही हैं।
प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष अजमेर ठाकुर ने कहा कि सरकार की घोषणाओं और वास्तविक कार्यवाही में काफी अंतर दिखाई दे रहा है। उन्होंने बताया कि कल्याण मंच का शीर्ष नेतृत्व फरवरी 2023 से अब तक कई बार मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से मिल चुका है तथा उन्हें 10 सूत्रीय मांगपत्र भी सौंपा गया है। इसके बावजूद अभी तक पेंशनरों की प्रमुख मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 5 मार्च 2026 को सुंदरनगर स्थित वृद्ध आश्रम में हिमाचल प्रदेश पेंशनर संयुक्त संघर्ष समिति की बैठक प्रदेशाध्यक्ष की अध्यक्षता में आयोजित की गई थी। इस बैठक में प्रदेश के 18 विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और पेंशनरों के साथ हो रहे व्यवहार पर चिंता व्यक्त की।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि बजट सत्र के दौरान सरकार पेंशनरों की लंबित देनदारियों के भुगतान के लिए बजट का प्रावधान नहीं करती है, तो 16 मार्च 2026 को संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर हजारों पेंशनर धरना-प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद उपायुक्तों के माध्यम से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा जाएगा।इसके अतिरिक्त 30 मार्च 2026 को पेंशनर समाज के सदस्य अपने परिवारों सहित शिमला पहुंचकर विधानसभा के बाहर विरोध प्रदर्शन करेंगे। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि आंदोलन के दौरान कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न होती है, तो उसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। बैठक में सभी सदस्यों ने पेंशनरों की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।