धर्मशाला, राहुल-: मैक्लोडगंज के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल त्रियूंड ट्रैक को व्यवस्थित करने के लिए वन विभाग ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विभाग ने त्रियूंड ट्रैकिंग मार्ग के चार प्रमुख एंट्री प्वाइंट को आउटसोर्स करने का निर्णय लिया है। इसके लिए ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
वन विभाग के अनुसार स्टाफ की कमी के चलते यह फैसला लिया गया है, ताकि त्रियूंड ट्रैकिंग साइट पर आने वाले पर्यटकों और ट्रैकर्स का बेहतर प्रबंधन किया जा सके। जिन चार प्वाइंट को आउटसोर्स किया जा रहा है उनमें गलू, हिना कैफे, भागसूनाग और बनगोटू शामिल हैं। इन स्थानों से बड़ी संख्या में पर्यटक और ट्रैकर्स त्रियूंड के लिए अपनी ट्रैकिंग शुरू करते हैं।त्रियूंड ट्रैक देश-विदेश के पर्यटकों के बीच बेहद लोकप्रिय है। हर साल हजारों युवा ट्रैकर्स यहां पहुंचते हैं। देश के विभिन्न राज्यों के अलावा विदेशों से आने वाले पर्यटक भी इस ट्रैकिंग साइट की खूबसूरती का आनंद लेने के लिए धर्मशाला का रुख करते हैं। बढ़ती संख्या को देखते हुए वन विभाग ट्रैकिंग मार्ग को अधिक व्यवस्थित और नियंत्रित करने की दिशा में काम कर रहा है।
सूत्रों के अनुसार त्रियूंड ट्रैकिंग के लिए लगाए गए शुल्क से हर साल लाखों रुपये का राजस्व भी एकत्रित होता है। हालांकि कई लोग अलग-अलग रास्तों से त्रियूंड पहुंच जाते हैं, जिससे सही आंकड़ा विभाग के पास उपलब्ध नहीं हो पाता। ऐसे में इन सभी मार्गों को आउटसोर्स करने से ट्रैकर्स की सही संख्या का रिकॉर्ड रखा जा सकेगा और व्यवस्था भी बेहतर होगी।वन विभाग ने इस प्रक्रिया के लिए ऑनलाइन टेंडर आमंत्रित किए हैं। इच्छुक आवेदकों को इसके लिए ऑनलाइन बोली लगानी होगी। टेंडर में भाग लेने के लिए 5 लाख रुपये की ईएमडी निर्धारित की गई है। विभागीय जानकारी के अनुसार 16 मार्च को टेंडर खोले जाएंगे, जिसके बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
धर्मशाला के डीएफओ अमित शर्मा ने बताया कि त्रियूंड ट्रैक को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। इससे पर्यटकों की सुविधाओं के साथ-साथ ट्रैकिंग मार्ग की निगरानी भी बेहतर तरीके से की जा सकेगी।