Summer Express,नई दिल्ली | ईरान के दक्षिण-पूर्वी शहर मिनाब से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार यहां एक स्कूल परिसर पर मिसाइल हमला हुआ, जिसमें छात्राओं और स्टाफ समेत करीब 175 लोगों की मौत हो गई। इस हमले का एक सात सेकंड का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कथित तौर पर एक क्रूज़ मिसाइल को परिसर की इमारत से टकराते हुए देखा जा सकता है।
ईरानी समाचार एजेंसी मेहर न्यूज द्वारा जारी वीडियो में दीवार से घिरे परिसर के भीतर स्थित एक इमारत पर मिसाइल गिरते हुए दिखाई देती है। बताया जा रहा है कि यह इमारत एक स्वास्थ्य क्लिनिक थी, जो पहले इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के एक पुराने नौसैनिक अड्डे के परिसर में स्थित था। रिपोर्ट के अनुसार इस परिसर के एक हिस्से में लड़कियों का स्कूल भी संचालित होता था।
वीडियो में स्कूल की दिशा से पहले से धुआं उठता दिखाई देता है, जिससे संकेत मिलता है कि क्लिनिक पर हमला स्कूल पर हुए हमले के कुछ समय बाद हुआ होगा। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार इस हमले में 165 से 180 लोगों के बीच मौतें हुई हैं, जिनमें बड़ी संख्या में छात्राएं शामिल हैं।
वीडियो की गुणवत्ता कम होने के कारण इस्तेमाल किए गए हथियार की सटीक पहचान स्पष्ट नहीं हो पाई है। हालांकि मिडिलबरी कॉलेज के ग्लोबल सिक्योरिटी विशेषज्ञ जेफ्री लुईस का कहना है कि वीडियो में दिखाई दे रही मिसाइल अमेरिकी टॉमहॉक क्रूज़ मिसाइल जैसी प्रतीत होती है।
इस घटना को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है। अमेरिका के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि समुद्र से टॉमहॉक मिसाइलें अमेरिकी नौसेना द्वारा दागी गई थीं, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले के लिए ईरान को ही जिम्मेदार ठहराया।
समाचार संगठन एनपीआर और ऑनलाइन रिसर्च ग्रुप बेलिंगकैट ने वीडियो की लोकेशन की पुष्टि की है। रिपोर्ट के अनुसार वीडियो परिसर के सामने बन रही एक हाउसिंग कॉलोनी से रिकॉर्ड किया गया प्रतीत होता है।
उपग्रह इमेजिंग कंपनी प्लैनेट की तस्वीरों के आधार पर यह भी सामने आया है कि इस हमले में स्कूल के साथ-साथ परिसर की कई अन्य इमारतें भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। रिपोर्ट के अनुसार कुल सात इमारतों को नुकसान पहुंचा है।
यह परिसर पहले ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड का छोटा नौसैनिक अड्डा हुआ करता था, लेकिन पिछले कई वर्षों से इसकी गतिविधियां काफी कम बताई जा रही थीं। इस मामले को लेकर अभी तक पेंटागन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।