Summer Express, हिसार। हरियाणा के चर्चित पूर्व विधायक रेलूराम पूनिया हत्याकांड में दोषी ठहराए गए सोनिया और संजीव कुमार की अंतरिम जमानत को चुनौती देने वाली याचिका पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत ने सोनिया को दो सप्ताह के भीतर काउंटर एफिडेविट (शपथ पत्र) दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 7 अप्रैल 2026 को तय की गई है।
रेलूराम पूनिया के भतीजों जितेंद्र पुनिया, सतपाल पुनिया, कौशल पुनिया और कमल पुनिया ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर सोनिया और संजीव को दी गई अंतरिम जमानत को चुनौती दी है। इससे पहले 28 जनवरी को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार और दोनों आरोपियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान सोनिया की ओर से वकील ने अदालत में वकालतनामा पेश किया, जबकि संजीव कुमार की ओर से कोई वकील अदालत में उपस्थित नहीं हुआ। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता आइना वर्मा खोवाल ने अदालत के समक्ष पक्ष रखा।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने संजीव कुमार की अदालत में पेशी सुनिश्चित कराने के लिए हरियाणा और उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशकों (डीजीपी) को निर्देश दिए। अदालत ने कहा कि 7 अप्रैल को अगली सुनवाई के दौरान संजीव की पेशी सुनिश्चित की जाए और दोनों आरोपी अपना शपथ पत्र भी दाखिल करें।
सुनवाई के दौरान अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि आरोपियों की ओर से उचित पैरवी नहीं की गई तो उनकी जमानत रद्द करने पर भी विचार किया जा सकता है।
गौरतलब है कि 23 अगस्त 2001 की रात बरवाला क्षेत्र के गांव लितानी स्थित फार्महाउस में पूर्व विधायक रेलूराम पूनिया, उनकी पत्नी, बेटा, बहू, पोता, पोती और आठ महीने के बच्चे समेत कुल आठ लोगों की लोहे की रॉड से हमला कर निर्मम हत्या कर दी गई थी। यह मामला हरियाणा के सबसे चर्चित और क्रूर हत्याकांडों में गिना जाता है।
जांच के दौरान पुलिस ने इस हत्याकांड में रेलूराम पूनिया की बेटी सोनिया और दामाद संजीव कुमार को गिरफ्तार किया था। अदालत ने दोनों को पहले फांसी की सजा सुनाई थी, जिसे बाद में उम्रकैद में बदल दिया गया। अब इस मामले में अंतरिम जमानत को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है।