समर एक्सप्रेस /मंडी, धर्मवीर -:मंडी में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत के दौरान हिमाचल प्रदेश के राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा हर मुद्दे पर देश की जनता को गुमराह करने का काम कर रही है। साथ ही उन्होंने हाल ही में प्रधानमंत्री और पूर्व राज्यपाल को लेकर दिए अपने बयान पर भी सफाई देते हुए कहा कि उन्हें प्रोटोकॉल का पाठ पढ़ाने से पहले भाजपा को संविधान की मूल भावना समझनी चाहिए।
मंत्री नेगी ने कहा कि भाजपा को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि भारतीय संविधान में राष्ट्रपति का स्थान ऊपर है या प्रधानमंत्री का। उन्होंने कहा कि देश के वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न से सम्मानित करने के अवसर पर एक तस्वीर सामने आई थी, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू खड़ी दिखाई दे रही हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बैठे हुए नजर आ रहे हैं। नेगी ने कहा कि यह तस्वीर खुद इस बात की ओर संकेत करती है कि प्रोटोकॉल और सम्मान को लेकर किस प्रकार की स्थिति सामने आई।उन्होंने कहा कि संविधान के अनुसार देश के राष्ट्रपति सर्वोच्च संवैधानिक पद पर होते हैं। ऐसे में भाजपा को यह समझना चाहिए कि किसी भी पद के सम्मान और गरिमा को बनाए रखना हर जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी होती है। नेगी ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जनजातीय समाज से आती हैं और उन्हें देश के सर्वोच्च पद पर आसीन होना पूरे देश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और प्रधानमंत्री उनके सम्मान को लेकर संवेदनशीलता नहीं दिखा रहे हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
मंत्री नेगी ने कहा कि भाजपा उनके बयान को लेकर लगातार टिप्पणी कर रही है, जबकि वास्तविकता यह है कि भाजपा ने हमेशा जनता को भ्रमित करने की राजनीति की है। उन्होंने कहा कि माफी मांगने की जरूरत उन्हें नहीं, बल्कि भाजपा को देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।इस दौरान नेगी ने हिमाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पूर्व राज्यपाल ने प्रदेश से विदा लेते समय राज्य की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे, लेकिन उन्हें पहले अपनी कार्यप्रणाली पर नजर डालनी चाहिए थी। नेगी ने दावा किया कि जनजातीय क्षेत्रों में नौ तोड़ जमीन से जुड़े मामलों पर तीन वर्षों तक कोई निर्णय नहीं लिया गया, जबकि इस विषय पर उन्होंने स्वयं पूर्व राज्यपाल से आठ बार मुलाकात की थी।उन्होंने कहा कि यदि इन मामलों पर समय रहते फैसला लिया जाता तो जनजातीय क्षेत्रों के लोगों को काफी राहत मिल सकती थी। मंत्री नेगी ने दोहराया कि प्रदेश सरकार जनजातीय क्षेत्रों के लोगों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है और ऐसे मुद्दों पर ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।