धर्मशाला, राहुल -: हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने बोर्ड परीक्षाओं की निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए कांगड़ा जिला के जवाली स्थित एक परीक्षा केंद्र पर कड़ा कदम उठाया है। सामूहिक नकल की शिकायत सामने आने के बाद बोर्ड ने ‘पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, जवाली’ में बनाए गए परीक्षा केंद्र को तत्काल प्रभाव से बदल दिया है। अब इस केंद्र से जुड़े परीक्षार्थी अपनी शेष परीक्षाएं पास के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, मतलाहर में देंगे।
मिली जानकारी के अनुसार, बोर्ड को हाल ही में इस परीक्षा केंद्र से जुड़ी कुछ शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इन शिकायतों के साथ कुछ वीडियो क्लिप भी बोर्ड के पास पहुंचाई गईं, जिनमें परीक्षा के दौरान अनियमितताओं के संकेत दिखाई दे रहे हैं। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई कि परीक्षा कक्ष में तैनात एक शिक्षक छात्रों को बहुविकल्पीय प्रश्नों (एमसीक्यू) के उत्तर बोलकर बता रहा था। इसे बोर्ड ने गंभीर अनुशासनहीनता और सामूहिक नकल का मामला मानते हुए तुरंत कार्रवाई की है।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनुचित साधनों का उपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की घटनाएं ईमानदारी से परीक्षा देने वाले छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय हैं, इसलिए बोर्ड इस मामले को गंभीरता से ले रहा है।मामले की विस्तृत जांच के लिए स्थानीय प्रशासन को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। उपमंडलाधिकारी (एसडीएम) जवाली को पूरे मामले की गहन जांच करने और जल्द से जल्द विस्तृत रिपोर्ट बोर्ड मुख्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। बोर्ड का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
इस घटना के बाद बोर्ड ने केंद्र पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। केंद्र समन्वयक, केंद्र अधीक्षक और उप-अधीक्षक के विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश जारी किए गए हैं। इसके साथ ही बोर्ड ने शिक्षा निदेशक शिमला को पत्र लिखकर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी और उदाहरणात्मक कार्रवाई करने का आग्रह किया है।बोर्ड का कहना है कि परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए जहां भी परीक्षा नियमों का उल्लंघन सामने आएगा, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी।डॉ. राजेश शर्मा ने यह भी कहा कि बोर्ड की नीति नकल के मामलों को लेकर पूरी तरह ‘जीरो टॉलरेंस’ की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई भी व्यक्ति परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने या छात्रों को अनुचित तरीके अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।