समरएक्सप्रेस /करनाल-:करनाल में योग गुरु स्वामी रामदेव ने कहा कि भारत को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए योग, आयुर्वेद और स्वदेशी जीवनशैली को अपनाना बेहद जरूरी है। वह शनिवार को करनाल में आयोजित राज्य स्तरीय महिला महासम्मेलन में पहुंचे, जहां उन्होंने महिलाओं और साधकों को संबोधित किया।
यह कार्यक्रम पतंजलि योगपीठ , हरिद्वार के तत्वावधान में और महिला पतंजलि योग समिति करनाल के सहयोग से आयोजित किया गया। अपने संबोधन में रामदेव ने कहा कि योग और आयुर्वेद से जुड़कर समाज को बीमारियों और कई सामाजिक बुराइयों से दूर रखा जा सकता है।उन्होंने कहा कि देश को शिक्षा, चिकित्सा, आर्थिक और सांस्कृतिक गुलामी से बाहर निकलने की जरूरत है। आजादी के 75 साल बाद भी शिक्षा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है। रामदेव के अनुसार बच्चों को सही इतिहास और भारतीय संस्कृति से जोड़ने के लिए भारतीय शिक्षा बोर्ड के साथ देशभर के हजारों स्कूल जुड़ चुके हैं और भविष्य में एक लाख विद्यालयों को इससे जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
वैश्विक हालात पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि यूनाइटेड स्टेटस , इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से दुनिया में तीसरे विश्व युद्ध जैसे हालात बनते नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति चिंताजनक है और बड़े देशों को मिलकर इसका समाधान निकालना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि मानवाधिकार की बात करने वाले कई अंतरराष्ट्रीय संगठन इस मुद्दे पर चुप दिखाई देते हैं।रामदेव ने कहा कि भारत और ईरान के संबंध ऐतिहासिक रूप से मजबूत रहे हैं और भविष्य में भी दोनों देशों के रिश्ते सकारात्मक बने रहेंगे।एलपीजी गैस को लेकर उन्होंने लोगों से संयम बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार के अनुसार गैस की बड़ी कमी नहीं है, लेकिन शहरों में रहने वाले लोगों को गैस का उपयोग सोच-समझकर करना चाहिए और सौर ऊर्जा जैसे वैकल्पिक साधनों की ओर भी ध्यान देना चाहिए।दुनिया में बढ़ते तनाव पर उन्होंने कहा कि कई बार सत्ता और राजनीति में उन्माद और अहंकार के कारण युद्ध जैसी स्थितियां पैदा हो जाती हैं। ऐसे में वैश्विक स्तर पर शांति और संवाद को बढ़ावा देना समय की जरूरत है।