हरियाणा राज्यसभा चुनाव: 88 विधायकों ने डाले वोट, इनेलो ने किया मतदान से किनारा

Karuna
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Summer Express - हरियाणा राज्यसभा चुनाव: 88 विधायकों ने डाले वोट, इनेलो ने किया मतदान से किनारा

Summer express, चंडीगढ़ |  हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए सोमवार को विधानसभा में मतदान प्रक्रिया जारी रही। कुल 90 विधायकों वाली विधानसभा में से 88 विधायकों ने अपने मताधिकार का उपयोग किया, जबकि इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के दोनों विधायकों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया।

मतदान के दौरान एक वोट को लेकर आपत्ति भी दर्ज की गई। कांग्रेस विधायक परमवीर के मत पर भाजपा उम्मीदवार संजय भाटिया के अधिकृत प्रतिनिधि गौरव गौतम ने मतदान की गोपनीयता भंग होने का आरोप लगाते हुए आपत्ति जताई।

वहीं भिवानी के भाजपा विधायक घनश्याम सराफ की तबीयत खराब होने के कारण उनके नामित सहयोगी भाजपा नेता वीरेंद्र गर्ग ने उनकी ओर से वोट डाला। राज्यसभा चुनाव के नियमों के अनुसार, उम्मीदवार की सहमति से नामित सहयोगी द्वारा मतदान किया जा सकता है।

इस दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी अपना वोट डाला। वहीं पैरों में फ्रैक्चर के कारण ऊर्जा एवं परिवहन मंत्री अनिल विज व्हीलचेयर पर विधानसभा पहुंचे और मतदान किया। कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा और सतपाल ब्रह्मचारी के साथ मतदान के लिए विधानसभा पहुंचीं। कांग्रेस के चार सांसद भी विधानसभा परिसर के बाहर मौजूद रहकर विधायकों को साथ लेकर मतदान केंद्र तक पहुंचाते रहे।

इनेलो नेता अभय चौटाला ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि उनकी पार्टी के दोनों विधायक इस चुनाव में मतदान नहीं करेंगे।

राज्यसभा की दो सीटों के लिए इस बार तीन उम्मीदवार मैदान में हैं। भाजपा की ओर से संजय भाटिया, कांग्रेस की ओर से कर्मवीर बौद्ध और भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल चुनाव लड़ रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार संजय भाटिया की जीत लगभग तय मानी जा रही है, जबकि दूसरी सीट के लिए मुकाबला कर्मवीर बौद्ध और सतीश नांदल के बीच दिलचस्प बना हुआ है।

कांग्रेस ने क्रॉस वोटिंग की आशंका को देखते हुए अपने 31 विधायकों को हिमाचल प्रदेश के कसौली में ठहराया हुआ था। सोमवार सुबह सभी विधायक पार्टी नेताओं के साथ चंडीगढ़ पहुंचे और मतदान में हिस्सा लिया। बताया गया कि मतदान से पहले सभी विधायक नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा के सेक्टर-7 स्थित आवास पर एकत्र हुए।

यह चुनाव सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है। भाजपा जहां दोनों सीटों पर जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक रणनीति को मजबूत साबित करना चाहती है, वहीं कांग्रेस के लिए यह चुनाव संगठनात्मक एकजुटता और नेतृत्व की पकड़ का अहम परीक्षण माना जा रहा है।

हरियाणा विधानसभा में कुल 90 विधायक हैं, जिनमें भाजपा के 48, कांग्रेस के 37, इनेलो के 2 और 3 निर्दलीय विधायक शामिल हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए किसी भी उम्मीदवार को कम से कम 31 वोटों की आवश्यकता होती है, जिसके चलते दोनों सीटों का मुकाबला राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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