हमीरपुर, अरविन्द -:लंबे समय से लंबित एरियर और अन्य वित्तीय लाभों के भुगतान में देरी से नाराज पेंशनरों का आक्रोश सोमवार को हमीरपुर में खुलकर सामने आया। विभिन्न विभागों के पेंशनरों ने शहर के गांधी चौक पर एकत्र होकर जोरदार प्रदर्शन किया और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन में करीब 18 विभागों के पेंशनर शामिल हुए, जिन्होंने सरकार पर उनकी मांगों की लगातार अनदेखी करने का आरोप लगाया।
पेंशनरों का कहना है कि पिछले करीब दस वर्षों से उन्हें मिलने वाले कई भत्ते और एरियर का भुगतान नहीं किया गया है। बार-बार मांग उठाने के बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे पेंशनरों और उनके परिवारों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 2016 से लेकर 2022 तक की कई देनदारियां अभी भी सरकार के पास लंबित हैं।पेंशनरों ने आरोप लगाया कि कई विभागों के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को समय पर पेंशन भी नहीं मिल रही है। विशेष रूप से एचआरटीसी के पेंशनरों को नियमित भुगतान न मिलने से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं कुछ कॉर्पोरेट क्षेत्र के पेंशनरों को तो पेंशन मिलना भी बंद हो गया है, जिससे उनकी आजीविका पर असर पड़ रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि हजारों पेंशनर वर्षों से अपने एरियर का इंतजार कर रहे हैं। उनका दावा है कि करीब साढ़े तीन हजार पेंशनर ऐसे हैं जो अपनी लंबित देनदारियों का भुगतान मिलने से पहले ही इस दुनिया को अलविदा कह चुके हैं। इससे पेंशनरों में सरकार के प्रति नाराजगी और बढ़ गई है।प्रदर्शन के दौरान पेंशनरों ने कहा कि कई सेवानिवृत्त कर्मचारी अपने परिवार की जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए इन लंबित लाभों पर निर्भर हैं। किसी को अपने बच्चों की शादी करनी है तो किसी को घर का निर्माण करना है, लेकिन भुगतान न मिलने के कारण उनके परिवारों की योजनाएं प्रभावित हो रही हैं।पेंशनरों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि 30 मार्च को प्रदेश भर के पेंशनर शिमला में विधानसभा का घेराव करेंगे। इसके लिए विभिन्न जिलों में तैयारी शुरू कर दी गई है।
इस दौरान हिमाचल प्रदेश संयुक्त संघर्ष समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डी.एस. ढटवालिया ने कहा कि पेंशनरों ने अपने सेवा काल में प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसके बावजूद सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें अपने ही अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।उन्होंने कहा कि सरकार को पेंशनरों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द लंबित एरियर और भत्तों का भुगतान करना चाहिए। प्रदर्शन के अंत में पेंशनरों ने उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर अपनी मांगों को शीघ्र पूरा करने की अपील की।