Summer Express, चंडीगढ़ | हरियाणा के राज्यसभा चुनाव को लेकर जारी सियासी विवाद के बीच सिरसा से कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया द्वारा चंडीगढ़ स्थित पार्टी कार्यालय के बाहर दिया जा रहा धरना बुधवार को समाप्त हो गया। विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा स्वयं धरना स्थल पर पहुंचे और सेतिया को समझाकर प्रदर्शन खत्म कराया।
इस दौरान हुड्डा ने स्पष्ट किया कि गोकुल सेतिया और विधायक मंजू चौधरी ने पार्टी के खिलाफ कोई क्रॉस वोटिंग नहीं की है। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के वोट कांग्रेस के पक्ष में ही पड़े हैं और उनके खिलाफ फैल रही खबरें भ्रामक हैं।
दरअसल, राज्यसभा चुनाव के बाद कुछ विधायकों पर क्रॉस वोटिंग और वोट रद्द होने के आरोप लगे थे। इसी को लेकर गोकुल सेतिया ने संदिग्ध विधायकों के नाम सार्वजनिक करने की मांग करते हुए धरना शुरू किया था। उन्होंने सोशल मीडिया पर भी लाइव आकर इस मुद्दे पर पार्टी नेतृत्व से जवाब मांगा था।
धरने के दौरान सेतिया ने कहा कि क्रॉस वोटिंग और वोट निरस्त होना पार्टी के साथ विश्वासघात है और ऐसे विधायकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि एक विधायक होने के नाते उन्हें अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है।
सोशल मीडिया पर अपना नाम आने को लेकर सेतिया ने नाराजगी जताई और इसे फेक न्यूज करार दिया। उन्होंने कहा कि हाल ही में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से उनकी मुलाकात को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है, जबकि ये केवल शिष्टाचार भेंट थीं।
फिलहाल, हुड्डा के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत होता नजर आ रहा है, लेकिन पार्टी के भीतर उठे सवाल अभी पूरी तरह थमे नहीं हैं।