Summer express, सिरसा | सिरसा में एक आरोपी को जमानत दिलाने के लिए जाली दस्तावेज और नकली जमानतदार पेश करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस संबंध में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत के आदेश पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, आरोपी अजय उर्फ अज्जू को 8 अप्रैल 2025 को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट, चंडीगढ़ ने नियमित जमानत दी थी। इसके बाद उसके वकील ने सिटी थाना में दर्ज 29 मार्च 2023 के मामले में जमानत बांड पेश करने के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष आवेदन दिया। 14 अप्रैल 2025 को ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने जमानत बांड स्वीकार कर उसका सत्यापन किया।
लेकिन , गांव भंभूर के सुखचैन सिंह ने अदालत में आवेदन देकर बताया कि उसकी जमीन की फर्द जमाबंदी में यह दर्ज था कि उसने अजय कुमार की जमानत दी, जबकि वह उसे कभी जानता ही नहीं था। जांच में सामने आया कि कुछ लोगों ने सुखचैन सिंह के आधार कार्ड, जमाबंदी और अन्य दस्तावेजों में हेराफेरी कर जाली कागजात तैयार किए और एक व्यक्ति ने खुद को सुखचैन सिंह बताकर अजय की जमानत दिलाई।
सुनवाई के दौरान अदालत ने आरोपित अजय कुमार से जमानतदार को पेश करने को कहा। आरोपी ने गौतम नामक व्यक्ति को पेश किया, जो बाद में नकली सुखचैन सिंह निकला। जांच में यह भी सामने आया कि कुलवंत सिंह, पनिहारी गांव निवासी, ने पहचानकर्ता बनकर गौतम को सुखचैन सिंह बताकर अदालत में पेश कराया।
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत ने गौतम और कुलवंत सिंह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के आदेश दिए। इसके बाद सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।