Summer Express, इंद्री | करनाल जिले के इंद्री क्षेत्र में बड़ी संख्या में गोवंश के कटे सिर मिलने के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने अहम कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान नवाब और शहजाद (निवासी सहसपुरजट) तथा आजम (निवासी बाड़ी माजरा, गंगोह, जिला सहारनपुर) के रूप में हुई है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि ये आरोपी मंडियों और गांवों में घूम रहे बेसहारा गोवंश को पकड़कर आगे सप्लाई करते थे। इसके बदले उन्हें प्रति गोवंश करीब चार हजार रुपये मिलते थे। इसके बाद गिरोह के अन्य सदस्य सुनसान इलाकों और जंगलों में गोवंश की हत्या कर मांस की सप्लाई करते थे, जबकि पहचान छिपाने के लिए कटे हुए सिर नहरों में फेंक दिए जाते थे।
सीआईए-वन की टीम इस मामले में आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और गिरोह के मुख्य सरगनाओं की तलाश जारी है। जांच अधिकारी इंस्पेक्टर संदीप कुमार के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों में क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों से बड़ी संख्या में गोवंश के कटे सिर बरामद हुए थे। जटपुरा गांव में 50 सिर मिलने के अलावा 18 मार्च को आठ, 19 मार्च को दमनहेड़ी के पास पश्चिमी यमुना नहर में पांच और 21 मार्च को धनौरा एस्केप नाले में पांच गोवंश के सिर मिले थे। इन घटनाओं के बाद पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल बन गया था।
प्राथमिक जांच में संकेत मिले हैं कि इंद्री क्षेत्र में लंबे समय से एक संगठित गिरोह सक्रिय था, जो पहले रेकी कर गोवंश को वाहनों के जरिए ले जाता था और फिर सुनियोजित तरीके से इस अवैध गतिविधि को अंजाम देता था। पुलिस को मुख्य आरोपियों के सुराग मिल चुके हैं और जल्द ही और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।
इधर, इस घटना को लेकर संत समाज में भी रोष है। संत गोपाल दास ने इंद्री रेस्ट हाउस पहुंचकर गोवंश सुरक्षा और गोचर भूमि संरक्षण के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की। इस दौरान विधायक रामकुमार कश्यप, डीएसपी सतीश गौतम समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। प्रशासन ने संतों और गोसेवकों को आश्वस्त किया है कि मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होने दी जाएगी।