Summer Express, चंडीगढ़ | हरियाणा में पंचकूला से लेकर यमुनानगर के कलेसर जंगल क्षेत्र तक खैर के पेड़ों की अवैध कटाई का मामला अब एक बड़े संगठित ‘ग्रीन सिंडिकेट’ के रूप में सामने आया है। शुरुआती जांच में स्पष्ट हुआ है कि यह कोई एक-दो घटनाओं तक सीमित मामला नहीं, बल्कि लंबे समय से सक्रिय एक सुनियोजित नेटवर्क है, जो व्यवस्थित तरीके से वन संपदा को नुकसान पहुंचा रहा था।
जांच में यमुनानगर के दारपुर क्षेत्र से लेकर हिमाचल प्रदेश की सीमा तक फैले जंगलों में बड़े पैमाने पर अवैध कटान के ठोस प्रमाण मिले हैं। पंचकूला के आसरेवाला जंगल, मोरनी-पिंजौर बेल्ट और दारपुर क्षेत्र की विभिन्न खोहों, जैसे मेन खोह, कुई वाली खोह, छोटी वाली खोह, चिकन की खोह और खिलना वाली खोह सहित कांसली, बागपत, खादरी, टिबरियों, आमवाली, नंगली और फलोड़ी क्षेत्रों में ताजा ठूंठ, कटे पेड़ों के अवशेष और अवैध रास्तों के निशान मिले हैं। इन साक्ष्यों ने वन विभाग के भीतर संभावित मिलीभगत के संदेह को और गहरा कर दिया है।
इस पूरे नेटवर्क का खुलासा पंचकूला के आसरेवाला जंगल में खैर तस्करी का मामला सामने आने के बाद हुआ। इसके बाद वन विभाग और पंचकूला पुलिस की एसआईटी ने संयुक्त कार्रवाई शुरू की। अब तक की जांच में एक वन दरोगा सहित 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
मामले में वन विभाग की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है। अब तक दो डीएफओ, दो इंस्पेक्टर और एक अन्य कर्मचारी सहित कुल पांच अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है। इसके अलावा पांच फॉरेस्टर और दो रेंजर्स की भूमिका की भी जांच चल रही है और उन पर जल्द कार्रवाई संभव है। विभागीय स्तर पर लापरवाही और संभावित मिलीभगत की गहन जांच की जा रही है।
इतने बड़े स्तर पर पेड़ों की अवैध कटाई सामने आने के बावजूद वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। लंबे समय तक इस नेटवर्क का सक्रिय रहना निगरानी तंत्र की कमजोरी को उजागर करता है। साथ ही उच्च स्तर पर अब तक सीमित कार्रवाई होने से भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
हरियाणा के वन मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि पूरे मामले की लगातार निगरानी की जा रही है। जिन अधिकारियों की संलिप्तता या लापरवाही सामने आई है, उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। एसआईटी भी सक्रिय रूप से जांच कर रही है और दोषियों को किसी भी स्तर पर बख्शा नहीं जाएगा।
फिलहाल इस खुलासे के बाद पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा हुआ है और आने वाले दिनों में इस ग्रीन सिंडिकेट से जुड़े और बड़े नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है।